मौसम बदलते ही आयुष अस्पताल में 10-15% बढ़े त्वचा रोगी:एसएमओ बोले- आर्द्रता कम होने से होती है परेशानी


मौसम बदलने के साथ राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में त्वचा रोग के मरीज पहुंच रहे हैं। एसएमओ डॉ. धनंजय कुमार के मुताबिक इस समय नियमित ओपडी से करीब 10 से 15% मरीज त्वचा संबंधी मरीज ज्यादा आ रहे हैं। इनमें खुजली, रिंगवर्म और मुहासे की शिकायत प्रमुख है। उन्होंने बताया कि ऋतु बदलने के दौरान आर्द्रता कम होने से पसीना ज्यादा होता है, जिससे त्वचा संबंधी विकार हो सकते हैं। इसके अलावा इस समय वायरल फीवर, जुकाम, सिरदर्द और पाचन संबंधी परेशानी के मरीज भी अस्पताल पहुंच रहे हैं। 10-15% मरीज त्वचा रोग के डॉ. धनंजय कुमार ने बताया कि इस समय अस्पताल में त्वचा संबंधी मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की अपेक्षा में करीब 10 से 15% बढ़ी है। इनमें मुख्य रूप से खुजली, रिंगवर्म और मुहासे की समस्या देखने को मिल रही है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों को पहले से त्वचा संबंधी परेशानी रहती है, उनमें भी इस मौसम में समस्या बढ़ सकती है। आर्द्रता कम होने से बढ़ती है त्वचा की परेशानी डॉ. धनंजय कुमार के मुताबिक इस समय आर्द्रता कम होती है। इससे पसीना ज्यादा होता है और पसीना ज्यादा होने की वजह से त्वचा संबंधी विकार हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस समय त्वचा संबंधी रोगों में खुजली, रिंगवर्म और मुहासे के मरीज ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। त्वचा रोग में नीम के इस्तेमाल की बात त्वचा संबंधी बीमारी के लिए डॉ. धनंजय कुमार ने रक्त शुद्धि संबंधी दवाओं का उल्लेख किया। उन्होंने नीम के काढ़े और नीम की कुछ पत्तियों के इस्तेमाल की भी बात कही। उनके मुताबिक ऋतु संधि काल से पहले से इसे लेने पर बीमारी का प्रभाव कम हो सकता है। जरूरत के अनुसार अन्य दवाएं भी दी जाती हैं। 14 दिन का होता है ऋतु संधि काल डॉ. धनंजय कुमार ने बताया कि दो ऋतुओं के बदलने के दौरान करीब 14 दिन का ऋतु संधि काल होता है। इसमें सात दिन पिछली ऋतु के और सात दिन आने वाली ऋतु के होते हैं। इस दौरान शरीर की क्षमता कम होने और रोगों का प्रकोप बढ़ने की बात उन्होंने कही। वायरल फीवर के मरीज 25 से 30% बढ़े डॉ. धनंजय कुमार ने बताया कि इस समय अस्पताल में बुखार, सिरदर्द, जुकाम और वायरल फीवर के मरीज भी आ रहे हैं। सामान्य मरीजों में करीब 25 से 30% तक वायरल संबंधी परेशानी देखने को मिल रही है। उन्होंने बताया कि वायरल संक्रमण में सामान्य औषधियां दी जाती हैं और सामान्य वायरल 3 से 5 दिन में ठीक हो जाता है। किसी को 3 दिन, किसी को 10 दिन तक परेशानी डॉ. धनंजय कुमार ने बताया कि वायरल संक्रमण में हर व्यक्ति की प्रकृति और क्षमता अलग होती है। किसी में संक्रमण तीन दिन में ठीक हो जाता है, जबकि किसी को एक सप्ताह और 10 दिन तक भी लग सकते हैं। सामान्य लक्षणों में नाक से पानी आना, छींक आना, कान में बसना, गले में खराश, जुकाम और शरीर दर्द देखने को मिलता है। पाचन संबंधी बीमारी में भी बढ़ सकती है उन्होंने बताया कि ऋतु संधि काल में पाचन संबंधी परेशानी भी होती है। पाचन सही नहीं होने से अजीर्ण जैसी समस्या हो सकती है। इसी वजह से इस दौरान हल्का और सुपाच्य भोजन लेने की सलाह दी जाती है। पाचन के लिए भी हल्का खाना जरूरी डॉ. धनंजय कुमार ने बताया कि ऋतु बदलने के दौरान पाचन संबंधी दिक्कतों को देखते हुए भोजन हल्का और सुपाच्य रखना चाहिए। इस दौरान शरीर में होने वाली सामान्य परेशानी को देखते हुए खान-पान पर ध्यान देने की बात उन्होंने कही।

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