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संतकबीरनगर में अपहरण और दलित उत्पीड़न के मामले में जिला पंचायत सदस्य विश्वकेतु यादव समेत चार आरोपियों को अदालत से राहत नहीं मिली। एडीजे एवं विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट चंद्र मोहन श्रीवास्तव की अदालत ने विश्वकेतु यादव, अशोक यादव, धर्मेंद्र यादव और जितेंद्र यादव की जमानत अर्जी खारिज कर दी। गणेश विसर्जन जुलूस के विवाद से जुड़ा मामला यह मामला गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान हुए विवाद से जुड़ा है। अपहृत विशाल ने पहले सपा सांसद और अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि इसी मामले के प्रतिशोध में विश्वकेतु यादव और उनके साथियों ने विशाल का अपहरण किया। 20 सितंबर को दर्ज कराई गई थी शिकायत वादी ओमप्रकाश ने 20 सितंबर 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। उनके मुताबिक, उनके भाई विशाल को विश्वकेतु यादव ने फोन करके बुलाया था। विशाल दोपहर तक घर नहीं लौटे और रात करीब 8 बजे तक उनका कोई पता नहीं चला। इससे परिवार को अनहोनी की आशंका होने लगी। इसके बाद पुलिस ने हत्या की नीयत से अपहरण और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर विशाल को किया था बरामद पुलिस ने 21 सितंबर 2026 की रात विश्वकेतु यादव, अशोक यादव, धर्मेंद्र यादव और जितेंद्र यादव को गिरफ्तार कर लिया था। इसी दौरान विशाल को सकुशल बरामद कर लिया गया। मामले की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक आशीष प्रसाद पांडेय ने आरोपियों की जमानत अर्जी का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एडीजे एवं विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट चंद्र मोहन श्रीवास्तव की अदालत ने चारों आरोपियों के जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिए।
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संतकबीरनगर में जिपं सदस्य समेत 4 की जमानत अर्जी खारिज:गणेश विसर्जन विवाद में विशाल के अपहरण का आरोप