![]()
लखीमपुर के मैगलगंज थाना क्षेत्र में दोमुंहे सांप की तस्करी से जुड़े मामले में पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज हो गया है। जांच के दौरान थाने में वसूली और रकम के बदले आरोपियों को छोड़ने के मामले में 8 पुलिसकर्मियों और एक निजी व्यक्ति समेत 9 लोगों को आरोपी बनाया गया है। बुधवार को सामने आई कार्रवाई के मुताबिक, पहले थाना प्रभारी समेत आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका था। दोमुंहे सांप की बरामदगी से शुरू हुआ मामला पुलिस के मुताबिक, मैगलगंज थाना क्षेत्र में रहजनिया अंडरपास के पास एक सफेद अर्टिगा कार को रोककर तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया था। उनकी पहचान मोनू सिंह, अंकित मौर्य और पुष्कर सिंह उर्फ सोल्जर के रूप में बताई गई थी। पुलिस के अनुसार, कार से दो जीवित रेड सैंड बोआ यानी दोमुंहे सांप, चार मोबाइल फोन और वाहन बरामद किया गया था। कार्रवाई के दौरान तीन अन्य लोगों के फरार होने की बात भी सामने आई थी। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत कार्रवाई की गई और सांप वन विभाग को सौंपे गए। परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल गिरफ्तारी के बाद आरोपियों के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। परिजनों ने आरोप लगाया था कि युवकों को हिरासत में रखने के दौरान परिवार से रकम मंगाई गई। यह भी आरोप लगाया गया कि युवकों को एक निजी स्थान पर रखा गया और उन पर दबाव बनाया गया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, परिजनों ने करीब दो लाख रुपये एक बैंक खाते में ट्रांसफर कराए जाने का दावा किया था। कथित रकम जिस खाते में पहुंची, उसके धारक को अब पुलिस ने मुकदमे में आरोपी बनाया है। हिरासत में मारपीट और धमकी देने के आरोप भी लगाए गए थे। इन आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। पहले थाना प्रभारी समेत 8 पुलिसकर्मी हुए थे निलंबित शिकायत सामने आने के बाद मामले की प्राथमिक जांच कराई गई थी। इसके आधार पर तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार सिंह, उपनिरीक्षक शुभम कुमार, मुख्य आरक्षी देवेंद्र सिंह यादव और आरक्षी देवेंद्र सिसोदिया, राहुल कुमार, रोहित कुमार, विश्वास सिंह और अमित कुमार यादव को निलंबित किया गया था। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में मामले से जुड़े आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं किए जाने और ड्यूटी में लापरवाही से जुड़े तथ्य सामने आए थे। इसके बाद विस्तृत जांच एएसपी पश्चिमी को सौंपी गई। जांच में कथित वसूली के तथ्य सामने आने का दावा एसएसपी डॉ. ख्याति गर्ग के मुताबिक, 24 सितंबर को गिरफ्तार किए गए एक आरोपी से जुड़े मामले की जांच के दौरान कुछ महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। जांच में कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा थाने में कथित तौर पर पैसे की वसूली करने और रकम के बदले राहत देने से संबंधित तथ्य मिलने की बात कही गई है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर 25 सितंबर को मैगलगंज थाने में आठ पुलिसकर्मियों और एक निजी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। मुकदमे में BNS के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। बैंक खाते और लेनदेन की भी होगी जांच एसएसपी के अनुसार, कथित लेनदेन की रकम जिस निजी व्यक्ति के बैंक खाते में पहुंची थी, उसे भी मुकदमे में आरोपी बनाया गया है। अब जांच में बैंक खाते, रकम के लेनदेन, पुलिसकर्मियों की भूमिका और आरोपियों को कथित रूप से राहत देने से जुड़े साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी। फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस एसएसपी ने बताया कि मामले की प्राथमिक जांच क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी से कराई गई थी। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। मामले में लगाए गए आरोप अभी जांच के अधीन हैं। इनकी अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
Source link
व्यापारी से वसूली के आरोप में 8 पुलिसकर्मियों पर केस:दो मुंहे सांप की तस्करी मामले में कार्रवाई, एक अन्य पर भी मुकदमा