बिजनौर में हेलमेट जागरूकता अभियान शुरू:बिना हेलमेट मिलने पर पहले चालान के बजाय हेलमेट दिलाएगी पुलिस


बिजनौर में सड़क हादसों में कमी लाने और दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से पुलिस ने बुधवार से विशेष अभियान शुरू किया है। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के निर्देश पर जिलेभर में चलने वाला यह अभियान 4 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान बिना हेलमेट मिलने वाले वाहन चालकों को पहले यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा। पुलिस का जोर चालान करने के बजाय लोगों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करने पर रहेगा। बिना हेलमेट मिलने पर पहले समझाएगी पुलिस अभियान के दौरान यातायात पुलिस बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों को रोकेगी और उन्हें हेलमेट के महत्व के बारे में समझाएगी। एसपी ने ट्रैफिक इंस्पेक्टर को निर्देश दिए हैं कि अभियान के शुरुआती चरण में शैक्षिक तरीके से लोगों को जागरूक किया जाए। बिना हेलमेट मिलने वाले ऐसे चालकों का चालान काटने के बजाय उन्हें हेलमेट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। पुलिस का उद्देश्य लोगों को दंडित करने से पहले सुरक्षित यातायात के प्रति जिम्मेदार बनाना है। रविवार तक हेलमेट लेने की अपील एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि लोग अपने मोबाइल की स्क्रीन को सुरक्षित रखने के लिए स्क्रीन गार्ड लगाते हैं, लेकिन अपने जीवन की सुरक्षा के लिए हेलमेट नहीं पहनते। उन्होंने जिले के लोगों से दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास हेलमेट नहीं है, वे अभियान की अवधि में इसे जरूर खरीद लें। इसके बाद बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार चालान की कार्रवाई की जाएगी। बार-बार नियम तोड़ने पर लाइसेंस निरस्त कराने की कार्रवाई एसपी ने बताया कि जागरूकता के बाद भी नियमों का लगातार उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती की जाएगी। बार-बार बिना हेलमेट वाहन चलाने पर वाहन सीज करने और ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त कराने की कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके अलावा तीन सवारी बैठाकर दोपहिया वाहन चलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी और ऐसे वाहनों को सीज किया जाएगा। पुलिस का लक्ष्य यातायात नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराना है। 18 साल से कम उम्र के बच्चों को बाइक न दें एसपी ने अभिभावकों से अपील की कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को बाइक या अन्य दोपहिया वाहन न दें। उन्होंने कहा कि नाबालिगों के वाहन चलाने से हादसों का खतरा बढ़ता है। अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन के प्रति जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

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