नीरपुड़ा पंचायत सहायक पर आपराधिक इतिहास और रिश्वत का आरोप:जिलाधिकारी से जांच की मांग, जन्म प्रमाण-पत्र के लिए 5000 रुपये रिश्वत लेने का भी आरोप


बागपत की नीरपुड़ा ग्राम पंचायत में एक पंचायत सहायक की नियुक्ति पर सवाल उठे हैं। जिलाधिकारी से उनकी नियुक्ति की वैधता, आपराधिक इतिहास और रिश्वत मांगने के आरोपों की जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पंचायत सहायक पर नियुक्ति से पहले हत्या का मुकदमा चल रहा था और वह जेल भी जा चुका था। उन्हें एक और आपराधिक मामले में दोषी ठहराया गया था। यह जानकारी नियुक्ति के समय दी गई थी या नहीं, इसकी जांच की मांग की गई है। पंचायत सहायक पर जन्म प्रमाण-पत्र बनाने के लिए 2500 रुपये प्रति प्रमाण-पत्र के हिसाब से कुल 5000 रुपये रिश्वत मांगने का भी आरोप है। इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण संगठन मेरठ को शिकायत और इलेक्ट्रॉनिक सबूत दिए गए हैं। शिकायतकर्ता ने नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज, पुलिस सत्यापन, चरित्र प्रमाण-पत्र और संविदा नवीनीकरण के कागजात की जांच मांगी है। आरोप सही पाए जाने पर संविदा खत्म करने और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई है। जिलाधिकारी दिव्यांशु पटेल ने जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया है।

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