NER के वाराणसी मंडल में ट्रैक पर लगेगा ‘कवच 4.0’:ट्रेन के आमने-सामने टक्कर से लेकर ओवरस्पीड तक पर लगेगी लगाम


ट्रेनों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए भारतीय रेलवे ने NER के वाराणसी मंडल में 614.75 किलोमीटर रेल मार्ग पर ‘कवच 4.0’ लगाने की मंजूरी दी है। इस परियोजना पर करीब 223 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके साथ ही वाराणसी मंडल के उन रेलखंडों में भी स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम का विस्तार होगा, जहां अभी इसका काम बाकी है। ‘कवच’ भारतीय रेलवे की स्वदेशी तकनीक है। इसका मुख्य उद्देश्य ट्रेन को सिग्नल पार करने से रोकना और आपात स्थिति में अपने आप ब्रेक लगाकर दुर्घटना की आशंका कम करना है। ट्रेन के निर्धारित गति से अधिक चलने या सामने दूसरी ट्रेन होने जैसी स्थिति में यह सिस्टम लोको पायलट को चेतावनी देने के साथ जरूरत पड़ने पर ऑटोमैटिक ब्रेकिंग में मदद करता है। 223 करोड़ से मजबूत होगा सुरक्षा नेटवर्क वाराणसी मंडल में 614.75 किलोमीटर रेल मार्ग पर ‘कवच 4.0’ की मंजूरी से रेलवे के सुरक्षा नेटवर्क का दायरा बढ़ेगा। रेलवे के अनुसार, इससे ट्रेनों का संचालन ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने में मदद मिलेगी। यह परियोजना भारतीय रेलवे के पूरे नेटवर्क में स्वदेशी कवच तकनीक को तेजी से विस्तार देने की योजना का हिस्सा है। NER में 2101 रूट किमी पर पहले ही मंजूरी पूर्वोत्तर रेलवे में कवच लगाने के लिए रेलवे मंत्रालय पहले ही 2,101 रूट किलोमीटर रेलखंडों के लिए 787.21 करोड़ रुपए की परियोजना मंजूर कर चुका है। इसके तहत लखनऊ, वाराणसी और इज्जतनगर मंडल के कई प्रमुख रेलखंडों को कवच से लैस किया जा रहा है। वाराणसी मंडल में गोरखपुर कैंट-गोल्डिनगंज, गोरखपुर कैंट-वाल्मीकिनगर रोड, भटनी-वाराणसी, वाराणसी-प्रयागराज और औंड़िहार-छपरा रेलखंडों पर कवच लगाने का काम स्वीकृत है। डोमिनगढ़-स्वामीनारायण छपिया रेलखंड बना पहला कवच युक्त खंड पूर्वोत्तर रेलवे में ‘कवच’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि डोमिनगढ़-स्वामीनारायण छपिया रेलखंड पर मिली है। 101.97 रूट किलोमीटर लंबे इस रेलखंड पर स्टैंडर्ड ‘कवच’ की कमीशनिंग का काम 31 अगस्त को पूरा कर इसे चालू कर दिया गया। इससे पहले 26 अगस्त को डोमिनगढ़-जगतबेला रेलखंड पर लोको ट्रायल किया गया था। ट्रायल के दौरान दो कवच युक्त लोकोमोटिव से आमने-सामने और पीछे से होने वाली टक्कर रोकने के लिए ऑटोमैटिक ब्रेकिंग का परीक्षण किया गया। एसओएस जनरेशन का भी सफल परीक्षण हुआ। दोनों लोको निर्धारित दूरी से पहले ही रुक गए। 14 ब्लॉक सेक्शन में टक्कर रोकने में मिलेगी मदद डोमिनगढ़-स्वामीनारायण छपिया रेलखंड पूर्वोत्तर रेलवे का पहला स्टैंडर्ड कवच युक्त रेलखंड है। इस रेलखंड के 14 ब्लॉक सेक्शन में कवच युक्त लोकोमोटिव के संचालन के दौरान आमने-सामने और पीछे से होने वाली टक्कर की घटनाओं को रोकने में सिस्टम मदद करेगा। रेलवे के अनुसार, कवच जरूरत पड़ने पर ट्रेन में अपने आप ब्रेक लगा सकता है। इससे अधिकतम अनुमन्य गति के भीतर सुरक्षित संचालन, परिचालन विश्वसनीयता और खराब मौसम, खासकर घने कोहरे में ट्रेन संचालन की सुरक्षा को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

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