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रहीमाबाद थाना क्षेत्र के तरौना गांव में मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे मवेशियों के लिए चारा लेने गए 60 वर्षीय किसान कमलेश यादव लापता हो गए। उनका शव करीब 8 घंटे बाद उनके खेत से करीब 200 मीटर दूर बेहता नाले में मिला। परिजनों और ग्रामीणों को आशंका थी कि वह इस समय उफनाए बेहता नाले में डूब गए होंगे। मंगलवार को पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से रात 9 बजे तलाश शुरू की। रात 11 बजे कमलेश यादव का शव मिल गया। कमलेश रोज की तरह गांव से 500 मीटर दूर बेहता नाले को पार कर अपने खेत चारा लेने गए थे। शाम 4 बजे उन्हें खेत से चारा काटकर लौटते हुए ग्रामीण राकेश यादव और भतीजे राम मिलन ने 200 मीटर दूर से देखा था। SDRF के पहुंचने से पहले गोताखोरों ने निकाला शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की। बेहता नाले के किनारे से कमलेश की एक जोड़ी चप्पल मिली थी, जिससे उनके नाले के बहाव में बह जाने की आशंका बढ़ गई। अंधेरे और झाड़ियों के कारण रात में तलाश में मुश्किल हुई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। SDRF टीम को भी बुलाया गया, जिसके पहुंचने से पहले ही गोताखोरों ने कमलेश के शव को ढूंढ़ निकाला। रहीमाबाद पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। इससे पहले 28 सितंबर रविवार शाम को रहीमाबाद के बाकीनगर निवासी ई-रिक्शा चालक मुफीस की घर से करीब 50 मीटर दूरी पर स्थित बेहता नाले में डूबने से मौत हो गई थी। पत्नी की 18 साल पहले सांप के डसने से मौत हुई थी कमलेश के परिवार में इकलौता बेटा अनिल है, जो शादीशुदा है। वह भी खेती-किसानी में पिता कमलेश का हाथ बंटाता है। कमलेश की पत्नी संगीता की 18 साल पहले सांप के डसने से मौत हो गई थी। लोगों ने बताया कि कमलेश रोजाना चारा काटने खेत जाया करते थे। इन दिनों बेहता नाले में उफान है, जिससे इलाके के लगभग सभी किसान तैरकर पार करते हैं। कमलेश भी चारा काटने के बाद बोझ को तैराते हुए रोजाना 100 मीटर नाला तैरकर पार कर घर लौटते थे।
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मवेशियों का चारा लेने गए किसान की डूबकर मौत:8 घंटे बाद बेहता नाले में मिला शव, लोगों ने उन्हें खेत पर काम करते देखा था