पेंशनरों ने 88वें वेतन के लाभ के लिए किया प्रदर्शन:1 जनवरी से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों को भी लाभ देने की मांग, 12 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा


गाजीपुर में सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनरों ने मंगलवार दोपहर 2 बजे सरजू पांडेय पार्क में प्रदर्शन किया। उन्होंने आठवें वेतन आयोग के लाभ से पुराने पेंशनरों को बाहर रखने का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त कर्मचारियों और शिक्षकों को भी वेतन आयोग के दायरे में शामिल करने की मांग की। प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन नायब तहसीलदार विजय कांत पाण्डेय को सौंपा गया। एक साल से आंदोलन कर रहा संगठन एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष अंबिका दुबे ने बताया कि संगठन करीब एक साल से कर्मचारियों और पेंशनरों से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहा है। उन्होंने कहा कि वित्तीय विधेयक में संशोधन के कारण 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त हुए कर्मचारी आठवें वेतन आयोग के लाभ से बाहर हो गए हैं। संगठन इन्हें भी आयोग के दायरे में शामिल करने की मांग कर रहा है। आयुष्मान में 10 लाख तक कैशलेस इलाज की मांग लोक निर्माण विभाग गाजीपुर के अध्यक्ष मनोज सिंह यादव ने कहा कि आठवें वेतन आयोग की प्रक्रिया में 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त कर्मचारियों और शिक्षकों को भी स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए। इसके साथ ही आयुष्मान भारत के तहत 10 लाख रुपए तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने की मांग की गई। वरिष्ठ नागरिक आयोग और सीजीएचएस की भी मांग पेंशनरों ने वरिष्ठ नागरिक आयोग का गठन करने, 50 प्रतिशत से अधिक महंगाई भत्ते को मूल पेंशन में मर्ज करने और कर्मचारियों-पेंशनरों के लिए अलग सीजीएचएस व्यवस्था लागू करने की मांग भी रखी। इन मांगों के अलावा अन्य बिंदुओं को भी 12 सूत्रीय पत्रक में शामिल किया गया। लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने की बात अंबिका दुबे ने कहा कि कर्मचारियों और शिक्षकों से जुड़े मुद्दों पर सरकार की नीतियों के विरोध में संगठन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने चुनाव में कर्मचारियों की भूमिका को लेकर दिए गए बयान को संगठन के आंदोलन से जुड़ी चेतावनी के तौर पर बताया। ज्ञापन शासन तक पहुंचाने की मांग प्रदर्शन के बाद पेंशनरों ने अपनी मांगों का पत्रक नायब तहसीलदार विजय कांत पाण्डेय के माध्यम से शासन तक पहुंचाने की मांग की। प्रदर्शन में सेवानिवृत्त कर्मचारी और पेंशनर शामिल रहे।

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