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सुल्तानपुर के दूबेपुर ब्लॉक की समूह सखियों ने मानदेय बढ़ाने और स्थायी कर्मचारी का दर्जा दिए जाने सहित अपनी 7 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर मंगलवार दोपहर 12:30 बजे प्रदर्शन किया। डीएम को सम्बोधित एक मांग पत्र एसडीएम सदर गरिमा सोनकिया को सौंपा है।
डीएम को भेजे मांग पत्र में समूह सखियों ने उल्लेख किया है कि वे ग्रामीण महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने का काम करती हैं। वे विकासखंड की उन महत्वपूर्ण कड़ियों में शामिल हैं, जो प्रत्येक ग्रामीण महिला तक विकास की योजनाओं की जानकारी पहुंचाने और किए गए कार्यों का ब्यौरा ब्लॉक स्तर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाती हैं। समूह सखियों द्वारा मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्य निष्पादित किए जाते हैं। नए स्वयं सहायता समूहों का गठन करना और उनके बैंक खाते खुलवाना। सभी समूहों को बैंकों से जोड़ना। मिशन के तहत RF-CIF दिलवाकर कैश क्रेडिट लिमिट की प्रक्रिया पूरी करवाना। ‘लोकस’ (LoKOS) ऐप पर डाटा फीडिंग करना और समूह की महिलाओं को आपस में जोड़ना।
समूह सखियों का कहना है कि वे इस प्रकार के कई जटिल और महत्वपूर्ण कार्य करती हैं, जिनके दौरान उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद, उन्हें मात्र ₹2,000/- प्रतिमाह का मानदेय दिया जाता है। वर्तमान महंगाई के दौर में इतने कम मानदेय से परिवार का पालन-पोषण करना बेहद कठिन हो गया है और यह उनके समय व श्रम के अनुकूल पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने मांगो में मासिक मानदेय को ₹2,000/ से बढ़ाकर ₹20,000/ किया जाए। सभी समूह सखियों को नियमित/नियोजित कार्यकर्ता के रूप में स्वीकार किया जाए। मानदेय का भुगतान हर महीने निर्धारित समय पर सीधे बैंक खाते में किया जाए। सभी सखियों को आधिकारिक पहचान पत्र प्रदान किया जाए। सभी कार्यरत बहनों की सेवाओं को स्थायी किया जाए। ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा एवं स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जाए। लोकस ऐप पर कार्य निष्पादन हेतु सभी समूह सखियों को मोबाइल फोन उपलब्ध कराया जाए। समूह सखियों ने डीएम से मांग की है कि उनकी इन जायज मांगों को उत्तर प्रदेश सरकार तक जल्द से जल्द पहुंचाया जाए ताकि उन्हें राहत मिल सके।
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समूह सखियों ने मानदेय बढ़ाने समेत 7 मांगें रखीं:सुल्तानपुर में एसडीएम सदर को सौंपा मांगपत्र, स्थायीकरण और ₹20,000 मानदेय की मांग