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संभल के जिला संयुक्त चिकित्सालय में सांप के काटने की आशंका में लाए गए 4 वर्षीय बच्चे को एंटी-वेनम की जगह एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए जाने के मामले की जांच रिपोर्ट डीएम अंकित खंडेलवाल को सौंप दी गई है। सीएमएस डॉ. राजेंद्र सैनी की जांच कमेटी को होल्ड करते हुए डीएम ने सीएमओ डॉ. तरुण पाठक और सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार के नेतृत्व में नई कमेटी गठित की थी। सीएमओ ने चार लोगों के बयान और जिला अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर डीएम को सौंपी है। फार्मासिस्ट और इंजेक्शन लगाने वाला जांच में दोषी सीएमओ डॉ. तरुण पाठक ने सोमवार शाम 7 बजे बताया कि जांच में फार्मासिस्ट मनोज कुमार द्वारा डॉक्टर की सलाह के बिना पर्चे पर इंजेक्शन लिखे जाने की पुष्टि हुई है। फार्मासिस्ट और इंजेक्शन लगाने वाले कर्मचारी को भी जांच में दोषी पाया गया है। सीएमओ के मुताबिक, पर्चे पर डॉक्टर की ओर से कुछ लिखे बिना ही इंजेक्शन लगा दिया गया। जांच के आधार पर अब डीएम की संस्तुति के बाद अगले 24 घंटे में संबंधित लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। जांच कमेटी ने डॉ. चमन प्रकाश, फार्मासिस्ट मनोज कुमार, वार्ड ब्वॉय विपिन भटनागर समेत चार लोगों के बयान दर्ज किए। इसके अलावा अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज भी जांची गई। सीएमओ बोले- बच्चे को सांप या कुत्ते ने नहीं काटा सीएमओ डॉ. तरुण पाठक ने बताया कि 4 वर्षीय बच्चे को न तो सांप ने काटा था और न ही कुत्ते ने। उनके अनुसार, किसी ततैया जैसे कीड़े के काटने से बच्चे की उंगली सूज गई थी। सीएमओ ने कहा कि एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए जाने से बच्चे को कोई नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि बच्चे को फेफड़ों में निमोनिया है, जिसके कारण सर्पदंश जैसे लक्षण दिखाई दे रहे थे। सीएमओ के अनुसार, निमोनिया का मरीज सामान्य तौर पर 6 से 7 दिन में ठीक होने लगता है और अब बच्चे की हालत में सुधार है। निजी अस्पताल में इलाज करने वाले डॉक्टर ने भी अपनी फाइल में बच्चे की स्थिति को ‘सस्पेक्टेड’ लिखा है। 21 सितंबर को अस्पताल लाया गया था बच्चा पूरा मामला जिला मुख्यालय बहजोई से करीब 35 किलोमीटर दूर तहसील संभल के कैलादेवी थाना क्षेत्र के मूसापुर गांव का है। 21 सितंबर की दोपहर करीब 1:30 बजे अबुल हसन का 4 वर्षीय बेटा अदीब घर के आंगन में कंचे खेल रहा था। इसी दौरान उसकी उंगली में सूजन आ गई। बच्चे के चाचा तबारक हुसैन उसे इलाज के लिए जिला संयुक्त चिकित्सालय लेकर पहुंचे थे। वहां सर्पदंश की आशंका के बीच उसे उपचार दिया गया और एंटी-वेनम की जगह एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए जाने का मामला सामने आया। करीब 170 घंटे से वेंटिलेटर पर इलाज परिजनों के अनुसार, बच्चे का करीब 170 घंटे से वेंटिलेटर पर इलाज चल रहा है। सीएमओ ने बच्चे की हालत में सुधार होने की बात कही है। वहीं, जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपे जाने के बाद अब संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई का निर्णय लिया जाना है। ——————————- ये एक्सप्लेनर भी पढ़ें… अखिलेश के लिए अचानक अहम क्यों बना लोहिया ट्रस्ट, चुनाव से पहले कमान अपने हाथ में ली पिछले दिनों अखिलेश यादव ‘लोहिया ट्रस्ट’ के अध्यक्ष चुने गए। पार्टी मुख्यालय से लेकर जिला ऑफिस और कई अन्य संपत्तियों का मालिकाना हक ट्रस्ट के पास है। समाजवादी पार्टी के गठन में भी इसकी अहम भूमिका थी। 2016-17 की अदावत में तब के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल ‘टीम अखिलेश’ को बाहर का रास्ता दिखा रहे थे। इसके जवाब में अखिलेश ने ‘जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट’ बना लिया। मुलायम अपनी आखिरी सांस तक इसके अध्यक्ष रहे। निधन के बाद शिवपाल मुखिया बने। अब अखिलेश को इसकी कमान सौंपने के पीछे क्या संदेश है? पढ़िए यूपी एक्सप्लेनर में…
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संभल में एंटी-वैमन की जगह एंटी-रेबीज लगाने में फार्मासिस्ट दोषी:CMO-सिटी मजिस्ट्रेट ने जांच रिपोर्ट DM को सौंपी, वेंटिलेटर पर बच्चे का इलाज