कोडीनयुक्त कफ सीरप सप्लाई का एमपी से कनेक्शन:3 करोड़ की खेप पकड़ी, GST-बैंक रिकॉर्ड से पुरानी सप्लाई का पता लगाने की तैयारी


बांदा में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के गौल चौराहा-पुनाहूर के पास 3 सितंबर को पकड़ी गई करीब तीन करोड़ रुपये की कोडीनयुक्त कफ सीरप की खेप की जांच अब सप्लाई चेन तक पहुंच गई है। एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में डीसीएम से 250 पेटी में 30 हजार शीशी बरामद हुई थीं। आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सीरप कहां से आया, किसने मंगाया और इससे पहले कितनी खेप बांदा के अलावा दूसरे जिलों और मध्य प्रदेश भेजी गई। ई-वे बिल में दिल्ली के कारोबारी का नाम जांच के दौरान डीसीएम चालक के पास मिले ई-वे बिल में दिल्ली के वर्माधमन क्राउन निवासी गणेश वर्मा का नाम सामने आया है। वहीं बरामद सीरप की शीशियों के रैपर पर हिमाचल प्रदेश की बिंग बायो टेक एलएलपी कंपनी का नाम दर्ज मिला है। पुलिस ने संबंधित कंपनियों से ऑर्डर, भुगतान, बिलिंग और सप्लाई से जुड़े दस्तावेज मांगे थे। हालांकि, इन दस्तावेजों से पुलिस पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। अब पुलिस टीम संबंधित कंपनियों के कार्यालय जाकर रिकॉर्ड की जांच करने की तैयारी कर रही है। GST और बैंक खातों से तलाशे जाएंगे पुराने सौदे पुलिस दिल्ली की गणेश फार्मा के जीएसटी रिटर्न, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और बैंक खातों की जांच करना चाहती है। इन दस्तावेजों से यह पता लगाने का प्रयास होगा कि कंपनी ने पहले कितनी मात्रा में सीरप खरीदा और किन-किन फर्मों को इसकी बिक्री की। पुलिस पूर्व में दो वाहनों से माल उतारे जाने की जानकारी भी खंगाल रही है। जांच में अतर्रा क्षेत्र के करीब 10 से 12 लोगों के नाम सामने आने की बात कही जा रही है। इसके अलावा बांदा और मध्य प्रदेश के कुछ दवा कारोबारियों से जुड़े कनेक्शन की भी जांच की जा रही है। प्रियांशु समेत तीन को रिमांड पर लेने की तैयारी मामले में जेल भेजे गए मास्टरमाइंड प्रियांशु, रोहित और प्रवीण को पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। विवेचक गौरव मिश्रा ने तीनों को जेल से रिमांड पर लेने के लिए न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया है। इस पर सोमवार को सुनवाई होगी। रिमांड मिलने पर पुलिस तीनों से पूछताछ करेगी। पूछताछ के जरिए सीरप की सप्लाई में शामिल अन्य लोगों, पुराने सौदों और पहले भेजी गई खेपों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया जाएगा। कंपनियों ने नहीं दिया जवाब, दोबारा नोटिस देगा विभाग उधर, औषधि विभाग ने सीरप भेजने वाली दिल्ली समेत दोनों कंपनियों से जवाब मांगा था। तय समय सीमा में जवाब नहीं मिलने के बाद विभाग अब दोनों कंपनियों को दोबारा नोटिस भेजने की तैयारी कर रहा है। पुलिस और औषधि विभाग की जांच अब यह पता लगाने पर केंद्रित है कि तीन करोड़ रुपये की इस खेप का पूरा नेटवर्क कहां तक फैला है और इससे पहले कितनी मात्रा में कोडीनयुक्त सीरप अलग-अलग जिलों या मध्य प्रदेश भेजा जा चुका है।

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