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अमृतपुर तहसील क्षेत्र में शुक्रवार और शनिवार को हुई जोरदार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। दो दिन में करीब 250 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश से सड़कें तालाब बन गईं और नदी-नालों का पानी तेज बहाव के साथ सड़कों पर आने लगा। कई इलाकों में लोगों के दैनिक काम प्रभावित हुए और आवागमन में भी परेशानी हुई। तहसील क्षेत्र में पहले से गंगा और रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से हजारों बीघा कृषि भूमि बाढ़ के पानी में डूबी हुई है। ऐसे में किसान पहले ही नुकसान झेल रहे थे। जो जमीन बाढ़ के पानी से बची थी, उसमें किसानों ने धान, तिली, चारा और अन्य फसलें बोई थीं। अब तेज बारिश ने इन फसलों को भी प्रभावित कर दिया। बाली वाली धान की फसल खेतों में बिछी जोरदार बारिश और तेज हवाओं के कारण सैकड़ों बीघा धान की फसल जमीन पर गिर गई है। कई खेतों में गिरी फसल में पानी भर गया है, जिससे धान खराब होने की आशंका है। किसानों का कहना है कि बाली आ चुकी फसल के गिरने से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों ने मुख्यमंत्री से मुआवजे की मांग की अमृतपुर तहसील क्षेत्र के किसान गिरींद्र वर्मा, अमन यादव, रमेश सिंह और सुरेश समेत अन्य किसानों ने बताया कि बारिश और तेज हवा से धान की फसल को काफी नुकसान हुआ है। किसानों ने मुख्यमंत्री से फसलों के नुकसान का आकलन कराकर मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई है। रविवार को भी बारिश के आसार मौसम विभाग के अनुसार रविवार को अमृतपुर तहसील क्षेत्र में अधिकतम तापमान 25 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम में नमी 97 प्रतिशत तक रही। नमी अधिक होने से बारिश के आसार बने हुए हैं। हवा करीब 5 से 7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने का अनुमान है।
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अमृतपुर में 250 मिमी बारिश से सड़कें तालाब बनीं:नदी-नालों का पानी रास्तों पर बहा, तेज हवा से खेतों में फसल बिछी