![]()
चरगांवा में बने जिस राजकीय महिला शरणालय का लोकार्पण 23 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था, उसमें सुविधाएं अभी भी अधूरी हैं। जिसके चलते लोकार्पण के समय यहां लायी गईं महिलाओं को लोकार्पण के बाद उसी रात घंटाघर स्थित पुरानी जगह शिफ्ट कर दिया गया है। यहां न तो पानी की टंकी लगी है और न ही ट्रांसफार्मर काम कर रहा है। अब, जब सारी सुविधाएं दुरुस्त हो जाएंगी तो यहां महिलाओं को लाया जाएगा। लोकार्पण वाले दिन यहां 14 महिलाओं और उनके 3 बच्चों को लाया गया था। बिना काम पूरा किए ही लोकार्पण कराने पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं। यह महिला शरणालय 8 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बना है। इसकी क्षमता 100 बेड की है। लोकार्पण के बाद ही यहां लगाए गए 63 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर खराब हो गया। लोकार्पण से एक दिन पहले यानी 22 सितंबर, मंगलवार को इसे स्थापित किया गया था। अगले दिन जब उद्घाटन कार्यक्रम खत्म हुआ तो बिजली की आपूर्ति ठप हो गई। महिलाएं भी चली गई थीं इसलिए नहीं हुआ हंगामा ट्रांसफार्मर खराब होने को लेकर हंगामा इसलिए नहीं हुआ कि उद्घाटन वाली रात ही यहां से महिलाओं को पुरानी जगह शिफ्ट कर दिया गया था। इस शरणालय में निराश्रित एवं बेसहारा महिलाओं को शरण दी जाएगी। यहां उन्हें निश्शुल्क भोजन, नाश्ता, दवा की सुविधा मिलेगी। इसमें 10 कमरे बनाए गए हैं। इसके साथ ही किचन, डाइनिंग हाल व पढ़ने का कक्ष भी है। राजकीय महिला शरणालय की अधीक्षक रेशमा श्रीवास्तव ने कहा कि शरणालय में अभी काम अधूरा है। पानी की टंकी नहीं लगाई गई है। छोटे-छोटे और भी काम बाकी हैं। ठेकेदार ने 10 दिन का समय मांगा है। जिसके कारण महिलाओं एवं बच्चों को पुरानी जगह शिफ्ट कर दिया गया है। बिजली निगम के राप्तीनगर के एसडीओ सत्येंद्र कुमार का कहना है कि जब ट्रांसफार्मर लगाया गया तो वह ठीक था। लेकिन जैसे ही लोड दिया गया, वह खराब हो गया। ट्रांसफार्म को जल्द बदल दिया जाएगा।
Source link
शरणालय के लोकार्पण के बाद वापस भेज दी गईं महिलाएं:ट्रांसफार्मर खराब, पानी की टंकी भी नहीं लगी