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अंबेडकरनगर के टांडा कोतवाली परिसर में बन रहे 40 आवासीय भवनों के निर्माण में गड़बड़ी मिलने पर शुक्रवार देर शाम सरकार ने कार्रवाई की। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता (एई) वीरेंद्र कुमार पांडेय को निलंबित कर दिया गया। वहीं प्रभारी अधिशासी अभियंता शैलेंद्र चौधरी से काम में लापरवाही और उदासीनता को लेकर 15 दिन में लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। पहले दो जेई भी हो चुके हैं निलंबित ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के निदेशक आरके वर्मा ने 9 सितंबर को निर्माणाधीन भवनों का निरीक्षण किया था। इस दौरान निर्माण की गुणवत्ता, प्रगति और अनुबंध की शर्तों के पालन में कई कमियां मिली थीं। शुरुआती जांच के बाद टांडा के अवर अभियंता मनीष पटेल और आलापुर के अवर अभियंता अरुण मौर्या को निलंबित किया जा चुका है। कंक्रीट की मजबूती की जांच नहीं कराई जांच में सामने आया कि आरसीसी निर्माण में इस्तेमाल सीमेंट-कंक्रीट की मजबूती की तय जांच नहीं कराई गई थी। अन्य निर्माण सामग्री का भी नियम के मुताबिक परीक्षण नहीं हुआ। अप्रैल के बाद गुणवत्ता और समय पर काम सुनिश्चित करने वाली पंजिकाओं में कोई एंट्री नहीं मिली। अनुबंध के अनुसार साइट पर पर्याप्त तकनीकी स्टाफ भी मौजूद नहीं था। मौके पर केवल दो इंजीनियर मिले निरीक्षण के समय मौके पर केवल दो इंजीनियर काम करते मिले। स्थलीय प्रयोगशाला में भी अनुबंध के मुताबिक अलग से तकनीकी स्टाफ की तैनाती नहीं मिली। निर्माण की प्रगति निर्धारित माइलस्टोन के मुकाबले काफी कम पाई गई। निलंबन अवधि में लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध निलंबित सहायक अभियंता वीरेंद्र कुमार पांडेय को निलंबन अवधि में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग मुख्यालय, लखनऊ से संबद्ध किया गया है। विभागीय जांच के लिए मुख्य अभियंता (पश्चिमी क्षेत्र), ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, लखनऊ को जांच अधिकारी बनाया गया है। अधिशासी अभियंता से 15 दिन में जवाब मांगा उपसचिव फूलचंद यादव ने प्रभारी अधिशासी अभियंता शैलेंद्र चौधरी को 15 दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। विभागीय कार्रवाई के बाद अब निर्माण की गुणवत्ता, निगरानी और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
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टांडा कोतवाली के 40 आवासीय भवनों में गड़बड़ी, एई निलंबित:निर्माण में लापरवाही पर कार्रवाई, प्रभारी अधिशासी अभियंता से 15 दिन में मांगा जवाब