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अयोध्या में 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण की जद में आए और ध्वस्त किए गए मकानों से प्रभावित लोगों के पुनर्वास की तैयारी नगर निगम ने शुरू कर दी है। महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी और नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार के मुताबिक प्रभावित लोगों को कारोबार के लिए स्थान उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। इसके लिए जिला प्रशासन नजूल की जमीन चिन्हित कर नगर निगम को उपलब्ध कराएगा। इसके बाद इसी जमीन पर वेंडिंग जोन विकसित कर दुकानें बनवाई जाएंगी। नजूल जमीन पर बनेंगी दुकानें नगर निगम अधिकारियों के अनुसार जिला प्रशासन की ओर से जमीन उपलब्ध होने के बाद वहां व्यवस्थित वेंडिंग जोन विकसित किया जाएगा। प्रभावित लोगों को उनकी जरूरत के अनुसार दुकानें आवंटित की जाएंगी। इससे चौड़ीकरण की कार्रवाई में कारोबार प्रभावित होने वाले लोगों को दोबारा अपना व्यवसाय शुरू करने में मदद मिलेगी। महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने नाका क्षेत्र पहुंचकर प्रभावित लोगों से मुलाकात की। उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं। बारिश को देखते हुए तत्काल अस्थाई शेड बनाए जाने के निर्देश दिए। महापौर ने कहा कि प्रभावित परिवारों की तत्काल जरूरतों का भी ध्यान रखा जाएगा। 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर भी महापौर और नगर आयुक्त ने प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि अयोध्या में राम पथ, धर्म पथ, राम जन्मभूमि पथ, पंचकोसी परिक्रमा मार्ग और 14 कोसी परिक्रमा मार्ग सहित विभिन्न परियोजनाओं के लिए जमीन सहमति के आधार पर ली गई है। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक 14 कोसी परिक्रमा मार्ग का काम अब अंतिम चरण में है। ऐसे समय में इस मुद्दे को लेकर विपक्ष की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित लोगों के लिए वेंडिंग जोन और दुकानें उपलब्ध कराने की योजना पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। महापौर ने कहा कि विकास परियोजनाओं के साथ प्रभावित लोगों की समस्याओं का समाधान करना भी प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से दुकानें उपलब्ध कराने की योजना तैयार की जा रही है।
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अयोध्या में नजूल जमीन पर बनेगा वेंडिंग जोन:14 कोसी मार्ग से प्रभावितों को मिलेंगी दुकानें