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शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा के सत्र के चौथे दिन कांग्रेस विधायकों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हंगामा किया। उन्होंने सदन में बैनर लहराकर विरोध जताया, जिससे कार्यवाही कुछ देर बाधित हुई। उधर, गुरुवार को महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट में दो रिट याचिकाएं दायर की गई हैं। इसमें SIR की संवैधानिक वैधता, प्रक्रिया और लागू करने के तरीके पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि दो चुनाव आयुक्तों की आपत्ति के बावजूद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने SIR से जुड़े 14 आदेश जारी किए। इन आदेशों को रद्द करने और दर्ज आपत्तियों को सार्वजनिक करने की मांग की गई है। पहली याचिका: चार महाराष्ट्र निवासियों और रजिस्टर्ड वोटर्स ने वकील असीम सरोदे के जरिए दायर की है। इसमें SIR के 14 आदेश रद्द करने, हटाए गए वोटर्स के नाम बहाल करने और नाम हटाने की जांच के लिए स्वतंत्र न्यायिक समिति बनाने की मांग है। साथ ही, SIR से जुड़े फैसले, बूथों के नियम और ECI-NET की तकनीकी जानकारी सार्वजनिक करने तथा नई वोटर लिस्ट बनने तक विधानसभा चुनाव रोकने की मांग की गई है। दूसरी याचिका: मुंबई के दो निवासियों ने वकील हितेंद्र गांधी के जरिए दायर की है। इसमें ASDD वोटर्स के नाम हटाने की प्रक्रिया और SIR के दौरान दस्तावेज जमा कराने के नियमों पर सवाल उठाए गए हैं। याचिका में SIR और ASDD की पहचान से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने, अप्रैल 2026 के प्रतिनिधित्व पर कार्रवाई और महाराष्ट्र से जुड़े SIR निर्देश रद्द करने की मांग है। याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा है कि नोटिस, सुनवाई और कारण बताए बिना किसी वोटर का नाम न हटाया जाए। पहली याचिका पर 28 सितंबर को सुनवाई के लिए उल्लेख किए जाने की संभावना है।
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जम्मू-कश्मीर विधानसभा में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग:महाराष्ट्र SIR के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिकाएं, ज्ञानेश कुमार के आदेश रद्द करने की मांग