अभिषेक सिंह | सीतापुर3 मिनट पहले
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सीतापुर के महमूदाबाद कोतवाली क्षेत्र के शेरापुर वार्ड में 24 घंटे पहले मिले हिस्ट्रीशीटर मोहम्मद शादाब के शव की मौत की वजह पोस्टमार्टम के बाद भी साफ नहीं हो सकी है। गुरुवार सुबह सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है। डॉक्टरों के पैनल ने बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए लैब भेजा गया है। अब बिसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है। घटनास्थल से नशीला इंजेक्शन मिलने और गले में दुपट्टा लिपटा होने से मामला और पेचीदा हो गया है।
जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब आठ बजे शेरापुर वार्ड में खेत के किनारे एक युवक का शव पड़ा होने की सूचना से सनसनी फैल गई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान मोहम्मद शादाब पुत्र शमी अहमद निवासी रैहलामऊ के रूप में की थी। पुलिस के अनुसार शादाब कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर था और उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट समेत नौ मुकदमे दर्ज थे।

पुलिस को शव के गले में दुपट्टा फंसा मिला था और पास नशीले इंजेक्शन पड़े मिले थे।
शादाब शेरापुर वार्ड में किराए के मकान में रहता था और किराए की वैगनआर कार चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था। घटनास्थल पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने भी जांच कर जरूरी साक्ष्य जुटाए थे। पुलिस को शव के पास नशीले इंजेक्शन का इस्तेमाल किया हुआ सामान मिला था, जबकि गले में दुपट्टा लिपटा था।
मृतक के भाई मोहम्मद अल्ताफ ने हत्या की आशंका जताई थी। उसके मुताबिक शादाब अविवाहित था और कस्बे की एक महिला के साथ लिव-इन रिलेशन में रह रहा था। इसको लेकर परिवार में विवाद की बात भी सामने आई थी। परिजनों ने इसी विवाद को मौत से जोड़ते हुए जांच की मांग की है।
पुलिस अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मृतक के मोबाइल की सीडीआर और उसके साथ लिव-इन में रह रही महिला से पूछताछ के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। प्रभारी निरीक्षक सतेंद्र विक्रम सिंह का कहना है कि बिसरा रिपोर्ट और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
