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भारतीय किसान संघ उत्तर प्रदेश काशी प्रांत जिला काशी के नेतृत्व में किसान सम्मेलन एवं ज्ञापन शास्त्री घाट कचहरी वाराणसी मुख्यालय पर बुधवार को सुबह 10 बजे से 4 बजे तक हुआ। इस सम्मेलन में वाराणसी विकास खंड के 8 ब्लॉक से आए किसानों एवं भारतीय किसान संघ के प्रदेश, प्रांत, जिला और ब्लॉक से आए पदाधिकारियों के मध्य वाराणसी जिला के किसानों की मुख्य समस्याओं पर चर्चा हुई। उर्वरक की कालाबाजारी पर स्थानीय अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की गई। भूमि अधिग्रहण के मामले में निम्न बातों का ध्यान रखा गया- मुआवजा नए सर्किल रेट या बाजार मूल्य पर आधारित हो, अधिग्रहण के लिए समय सीमा तय हो और उचित समय में अधिग्रहण न होने पर किसान को भूमि खरीद-बिक्री एवं पक्के निर्माण के लिए रोक न जाए। मिर्जापुर वाराणसी लिफ्ट नहर का पानी टेल तक पहुंचाया जाए, जर्जर बिजली के तारों को जल्द से जल्द बदला जाए। रिंग रोड पर लगाए जा रहे कोनो कॉरपस पौधों को हटाया जाए, क्योंकि इससे सांस लेने की समस्या उत्पन्न हो रही है। आवारा पशुओं के लिए बाड़ एवं गौशालाओं का प्रयोग कर किसानों की फसल को नुकसान होने से बचाया जाए। किसान सम्मान निधि की राशि केंद्र सरकार द्वारा जारी की जाती है, अतः राज्य सरकार भी उतनी ही राशि देकर उत्तर प्रदेश के किसानों को ₹12000 वार्षिकी देने की घोषणा करे। इन सभी मांगों के साथ सभी किसान भाई इस सम्मेलन में एक ज्ञापन तैयार किया गया, जो जिलाधिकारी के माध्यम से एसडीएम द्वारा लिया गया। इसमें प्रदेश के संगठन मंत्री, प्रदेश के मंत्री, प्रांत महामंत्री, प्रांत के कोषाध्यक्ष, प्रांत के युवा मंत्री, प्रांत के कार्यकारिणी सदस्य, जिला अध्यक्ष और विभिन्न ब्लॉकों से आए अध्यक्ष, मंत्री एवं किसान बंधु शामिल हुए।
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वाराणसी में किसान सम्मेलन आयोजित:किसानों ने समस्याओं पर चर्चा की, जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा