नाबालिग से अपराध के दोषी को 6-साल का कठोर कारावास:आरोपी पर 20 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया, नहीं देने पर 6 महीने की अतिरिक्त सजा


बलिया में नाबालिग से गंदी हरकत करने के मामले में कोर्ट ने आरोपी रमाशंकर राजभर को दोषी ठहराते हुए 6 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट संख्या-08 ने आरोपी पर 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर उसे 6 महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। यह फैसला पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, लखनऊ की ओर से चलाए जा रहे अभियान ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ के तहत मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी के बाद आया। रमाशंकर राजभर पुत्र स्व. धरीक्षन राजभर ग्राम भीखपुर, थाना बांसडीहरोड, बलिया का निवासी है। कोर्ट ने उसे धारा 10 पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी पाया है। 18 जुलाई 2022 को दर्ज हुई थी शिकायत मामला 18 जुलाई 2022 का है। शिकायतकर्ता ने थाना बांसडीहरोड में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि रमाशंकर राजभर उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अकेले में ले गया और उसके साथ गंदी हरकतें कीं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना के बाद कोर्ट में दाखिल हुई चार्जशीट मामले की विवेचना पूरी करने के बाद पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी। इसके बाद मामले की सुनवाई विशेष पॉक्सो कोर्ट में हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मामले की प्रभावी पैरवी की। ADGC दिनेश सिंह ने की अभियोजन की पैरवी इस मामले में अभियोजन अधिकारी ADGC दिनेश सिंह थे। बलिया पुलिस के मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग की पैरवी के बाद कोर्ट ने आरोपी को धारा 10 पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने उसे 6 साल के कठोर कारावास और 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर 6 महीने अतिरिक्त जेल कोर्ट के आदेश के अनुसार, 20 हजार रुपए का जुर्माना जमा नहीं करने पर आरोपी को 6 महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ के तहत अभियोजन और मॉनिटरिंग सेल की प्रभावी पैरवी के बाद हुई।

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