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मऊ में स्कूल जाने के लिए रास्ते की समस्या से जूझ रहीं दो बहनों ने जिलाधिकारी से मदद मांगी है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में आठ साल की काव्या और चार साल की तृषा अपनी परेशानी बताते हुए डीएम से घर से स्कूल तक रास्ता बनवाने की अपील करती दिख रही हैं। बच्चियों का कहना है कि बारिश होते ही रास्ते में पानी और कीचड़ भर जाता है, जिससे उन्हें स्कूल आने-जाने में बहुत परेशानी होती है। यह मामला नगर पालिका परिषद के वार्ड नंबर सात में विवेकानंद कॉलोनी का है। यह इलाका परदहा मिल क्षेत्र में पड़ता है। यहां रहने वाले अमित सिंह छत्तीसगढ़ के सुकमा में सीआरपीएफ में काम करते हैं। उनकी आठ साल की बेटी काव्या कक्षा तीन में और छोटी बेटी तृषा नर्सरी में पढ़ती है। बच्चियों ने बताया कि उनके पिता ड्यूटी के कारण घर से दूर रहते हैं। ऐसे में वे उन्हें रोज स्कूल छोड़ने और लेने नहीं आ सकते। बारिश के दिनों में घर के पास रास्ते पर पानी और कीचड़ भर जाने से स्कूल पहुंचना उनके लिए कठिन हो जाता है। काव्या ने बताया कि वह सोशल मीडिया पर ऐसे बच्चों के वीडियो देखती है, जिनकी शिकायतें सुनकर उनकी दिक्कतें दूर की जाती हैं। इसी से प्रेरणा लेकर उसने अपनी छोटी बहन के साथ वीडियो बनाया और मऊ के जिलाधिकारी से रास्ता बनवाने की मांग की। बता दें कि कुछ दिन पहले कक्षा एक में पढ़ने वाली समारा नाज ने भी जिलाधिकारी के जनता दरबार में जाकर स्कूल जाने के लिए रास्ता बनवाने की मांग की थी। बच्ची ने बताया था कि उसे पानी से होकर स्कूल जाना पड़ता है। जिलाधिकारी आनंद वर्धन ने उसकी शिकायत को ध्यान से सुनकर नगर पालिका को रास्ता बनवाने के आदेश दिए थे। इसके बाद भकतुला पट्टी के वार्ड नंबर 17 में बच्ची के घर तक रास्ता बनाया गया। जिलाधिकारी ने खुद मौके पर जाकर निर्माण कार्य की जांच की और बच्ची को टॉफी व साइकिल भी दी थी।
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मऊ में दो बहनों ने DM से लगाई गुहार:बोलीं- बारिश में कीचड़-पानी से होकर स्कूल जाते हैं, मांगा रास्ता