उत्तर प्रदेश पॉवर कार्पोरेशन लिमिटेड की ओर से वर्ष 2018 में शुरू की गई स्मार्ट मीटर योजना के तहत मेरठ में लगाए गए पुराने स्मार्ट मीटर अब विभाग के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं। इन मीटरों को लगाने का काम EESL कंपनी को दिया गया था। पॉवर कार्पोरेशन और कंपन
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वर्ष 2018 में लगाए गए स्मार्ट मीटर।
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड यानी पीवीवीएनएल के अधिकारियों का कहना है कि अनुबंध और वारंटी अवधि समाप्त होने के बाद पुराने मीटरों में तकनीकी खराबी आने पर पहले की तरह संबंधित कंपनी से सेवाएं लेना संभव नहीं होगा। ऐसी स्थिति में मीटर संबंधी शिकायतों के निस्तारण के लिए विभाग को अपनी वैकल्पिक व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ेगा। विभाग इसी वजह से पुराने स्मार्ट मीटरों को नए स्मार्ट पोस्टपेड मीटरों से बदलने पर जोर दे रहा है। हालांकि यह उपभोक्ता अभी मीटर बदलवाने को लेकर भ्रम की स्थिति में हैं। विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं को लगातार समझाया जा रहा है कि पुराने मीटरों के स्थान पर नए स्मार्ट पोस्टपेड मीटर लगाए जाने की प्रक्रिया योजना के तहत की जा रही है।
मेरठ में 2018 में शुरू हुई थी प्रक्रिया पॉवर कॉरपोरेशन की योजना के तहत वर्ष 2018 में मेरठ में भी स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू हुआ था। मुख्य अभियंता मेरठ शहर रजनीकांत मिश्रा के अनुसार, EESL को मेरठ जोन प्रथम में 1,28,157 मीटर लगाने का लक्ष्य दिया गया था। इनमें 24,806 मीटर लगाए गए, जबकि 1,03,348 मीटर नहीं लग सके।
इसी तरह मेरठ जोन द्वितीय में 11,470 मीटर लगाने का लक्ष्य था। अधिकारियों के अनुसार विरोध के कारण इनमें से 7,009 मीटर ही लगाए जा सके और 4,461 मीटर लगने बाकी रह गए। दोनों जोन में लगाए गए 31,818 पुराने स्मार्ट मीटर अभी बदले जाने हैं। इन मीटरों को वर्ष 2023 से AMISP कंपनी की ओर से लगाए जा रहे नए स्मार्ट पोस्टपेड मीटरों से बदलने की प्रक्रिया चल रही है।
नए स्मार्ट मीटर लगाने का काम जारी पीवीवीएनएल के आंकड़ों की मानें तो मेरठ जोन प्रथम में AMISP कंपनी को 3,50,334 स्मार्ट पोस्टपेड मीटर लगाने का लक्ष्य दिया गया है। इनमें से 1,36,536 मीटर लगाए जा चुके हैं, जबकि 2,13,798 मीटर लगाए जाने बाकी हैं। मेरठ जोन द्वितीय में 6,98,916 मीटर लगाने का लक्ष्य है। इनमें 1,55,128 मीटर लगाए जा चुके हैं, जबकि 5,43,788 मीटर लगना बाकी हैं। इस तरह दोनों जोन में बड़ी संख्या में नए स्मार्ट पोस्टपेड मीटर अभी लगाए जाने हैं। पुराने स्मार्ट मीटरों को भी इसी प्रक्रिया के तहत चरणबद्ध तरीके से बदला जाना है।
पुराना मीटर खराब हुआ तो क्या हो सकता है मुख्य अभियंता मेरठ जोन प्रथम रजनीकांत मिश्रा बताते हैं कि पुराने मीटर की वारंटी और संबंधित कंपनी का अनुबंध समाप्त होने के बाद यदि किसी मीटर में तकनीकी खराबी आती है तो उसके समाधान की प्रक्रिया मौजूदा व्यवस्था की तुलना में अलग हो सकती है। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि उपभोक्ता की शिकायत का समाधान नहीं होगा। विभागीय स्तर पर शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था जारी रहेगी।

रजनीकांत मिश्रा, मुख्य अभियंता मेरठ शहर।
यह झेलनी पड़ सकती हैं परेशानी – मीटर काम नहीं करता या तकनीकी गड़बड़ी आती है तो उपभोक्ता को शिकायत दर्ज करानी होगी और विभागीय प्रक्रिया के तहत जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। – मीटर की रीडिंग में तकनीकी समस्या होने पर बिल को लेकर विवाद की स्थिति बन सकती है। ऐसी स्थिति में मीटर की जांच के बाद बिल में आवश्यक सुधार की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। – विभाग का कहना है कि संबंधित कंपनी की वारंटी या अनुबंध समाप्त होने के बाद पुराने मीटर की तकनीकी समस्या के समाधान के लिए विभाग को उपलब्ध वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से कार्रवाई करनी पड़ सकती है। – अधिकारियों की चिंता है कि पुराने मीटरों की संख्या अधिक रहने पर एक साथ बड़ी संख्या में तकनीकी शिकायतें आने की स्थिति में उनके निस्तारण का दबाव बढ़ सकता है।
31,818 मीटर अब भी पुराने मेरठ में वर्ष 2018 की योजना के तहत लगाए गए 31,818 पुराने स्मार्ट मीटर अभी बदले जाने बाकी बताए जा रहे हैं। विभाग का कहना है कि इन मीटरों को नए स्मार्ट पोस्टपेड मीटरों से बदलने की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि मीटर बदलने के लिए विभागीय टीम पहुंचे तो सहयोग करें।
मुख्य अभियंता बोले- शिकायत विभाग दूर करेगा
मुख्य अभियंता मेरठ शहर (प्रथम जोन) रजनीकांत मिश्रा के अनुसार, EESL के साथ आठ वर्ष का अनुबंध था और अब पुराने मीटरों को नए स्मार्ट पोस्टपेड मीटरों से बदलने की प्रक्रिया की जा रही है। उपभोक्ताओं को किसी भ्रम में रहने की जरूरत नहीं है। मीटर बदलने का उद्देश्य पुरानी व्यवस्था को नई व्यवस्था से बदलना है। मीटर संबंधी शिकायतों के निस्तारण के लिए विभागीय व्यवस्था रहेगी, लेकिन पुराने मीटरों की जगह नए मीटर लगने से भविष्य में तकनीकी समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को सुचारु रखने में मदद मिलेगी।
