CRPF जवान हत्याकांड: 25 हजार का इनामी ने किया सरेंडर:बलिया में मुख्य आरोपी ने पहले ही किया था आत्मसमर्पण, 3 अन्य आरोपी गिरफ्तार


बलिया में सीआरपीएफ के पूर्व जवान अमरेश बहादुर सिंह हत्याकांड में फरार चल रहे 25 हजार रुपए के इनामी आरोपी गिरीशचंद सिंह ने 19 सितंबर को सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। बताया गया कि उसने पुलिस को चकमा देकर अदालत में सरेंडर किया। कोर्ट के आदेश पर आरोपी को जिला जेल भेज दिया गया है। इससे पहले मुख्य आरोपी रामकरन सिंह ने 15 सितंबर को अदालत में आत्मसमर्पण किया था। वहीं, पुलिस घटना के तीन अन्य आरोपियों शीला, सूरज और खुशी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। मामले में पुलिस की जांच जारी है। मामला उभांव थाना क्षेत्र के जोर सोनाडीह गांव का है। डेयरी फार्म पर हुआ था विवाद घटना 10 सितंबर की रात करीब 9:20 बजे की है। उभांव थाना क्षेत्र के दोथ गांव निवासी रितिका सिंह ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उनके पिता अमरेश बहादुर सिंह गांव में घर से करीब 100 मीटर दूर स्थित डेयरी फार्म पर अकेले थे। आरोप है कि इसी दौरान रामकरन सिंह, गिरीशचंद सिंह, सूरज सिंह, खुशी सिंह और शीला सिंह वहां पहुंचे और डेयरी फार्म का गेट खुलवाने को कहा। इस बात पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और विवाद हो गया। अमरेश सिंह ने गाली-गलौज का कारण पूछा तो विवाद और बढ़ गया। हंसिया से वार करने का आरोप शिकायत के मुताबिक, इसके बाद अमरेश सिंह के भाई मंजेश सिंह को मौके पर बुलाया गया। आवाज सुनकर रितिका सिंह और उनकी बहन कृतिका सिंह भी डेयरी फार्म पहुंच गईं। आरोप है कि हमलावरों ने अमरेश और मंजेश सिंह के पेट सहित शरीर के अन्य हिस्सों पर हंसिया से वार किए। हमले में अमरेश सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौत हो गई, जबकि मंजेश सिंह भी गंभीर रूप से जख्मी हुए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू की थी। अंतिम संस्कार से पहले परिजनों ने रखी थीं मांगें घटना के बाद पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी थी। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। उनकी मांग थी कि आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाया जाए और उनका एनकाउंटर किया जाए। इसके बाद परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने मोबाइल पर परिजनों से बात कर उन्हें मुख्यमंत्री से मिलवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने अमरेश बहादुर सिंह का अंतिम संस्कार किया। अब तक सभी नामजद आरोपियों पर कार्रवाई का दावा पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी रामकरन सिंह ने 15 सितंबर को सरेंडर किया था। शीला, सूरज और खुशी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब 25 हजार रुपये के इनामी गिरीशचंद सिंह ने भी 19 सितंबर को सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट के आदेश पर उसे जिला जेल भेजा गया है। मामले की जांच जारी है।

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