![]()
अयोध्या के रौनाही थाना क्षेत्र के सरयू नदी स्थित ढेमवाघाट पर गणेश मूर्ति विसर्जन के दौरान प्रशासन की भारी लापरवाही उजागर हुई है। विसर्जन स्थल पर न तो लाइट की व्यवस्था थी और न ही नाव की। अव्यवस्था के चलते पुलिस ने श्रद्धालुओं की मूर्तियों को पुल से ही नदी में गिरवा दिया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार 18 सितंबर की देर रात रौनाही क्षेत्र के ग्रामीण गणेश प्रतिमा लेकर ढेमवाघाट विसर्जन के लिए पहुंचे थे। शाम ढलने के बाद घाट पर घना अंधेरा छा गया। विसर्जन स्थल पर प्रशासन द्वारा लगाई गई एक भी लाइट नहीं जल रही थी। वहीं मूर्ति को सम्मान के साथ नदी के बीच ले जाकर विसर्जित करने के लिए नाव तक उपलब्ध नहीं थी। विसर्जन में शामिल श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्होंने काफी देर तक इंतजार किया कि प्रशासन लाइट चालू कराएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आरोप है कि मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने ही लोगों को पुल से मूर्ति को नीचे सरयू में धकेलने को कहा। श्रद्धालुओं ने इसका विरोध जताया और कहा कि पुल से मूर्ति फेंकना आस्था का अपमान है। विधि-विधान से विसर्जन कराने की मांग के बावजूद पुलिस ने कोई वैकल्पिक इंतजाम नहीं किया और अपनी मौजूदगी में ही पुल से मूर्तियां गिरवा दीं। इसी घटना का वीडियो अब वायरल हो रहा है, जिसे लोग आस्था से खिलवाड़ बता रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रौनाही थाने पर शांति समिति की बैठक हुई थी, जिसमें प्रशासन ने विसर्जन स्थल पर लाइट, नाव और सुरक्षा व्यवस्था का आश्वासन दिया था। लेकिन सारे दावे जमीनी हकीकत में फेल हो गए। वहीं इस मामले में क्षेत्राधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में आया है। जांच कराई जा रही है कि विसर्जन स्थल पर व्यवस्थाएं क्यों नहीं की गईं और पुल से विसर्जन क्यों कराया गया।
Source link
अयोध्या में ढेमवाघाट पर अव्यवस्था के बीच गणेश विसर्जन:पुलिस ने पुल से फेंकवाई मूर्तियां, विसर्जन में आए लोगों ने किया विरोध