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सीतापुर के मिश्रिख कोतवाली क्षेत्र के गोपालापुर गांव में 13 सितंबर की सुबह घर में लगी आग में झुलसी 17 वर्षीय काजल ने शुक्रवार शाम करीब आठ बजे लखनऊ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में पहले ही काजल की मां गौरी (40) और भाई कृष्णा (10) की घटना के दिन ही मौत हो चुकी थी। काजल की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा है। एक ही हादसे में परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई। जानकारी के अनुसार, 13 सितंबर की सुबह परिवार के लोग घर में सो रहे थे। इसी दौरान बिजली के मीटर में अचानक आग लग गई। मीटर से निकली चिंगारी और टूटकर गिरे बिजली के तारों से घर में रखे भूसे ने आग पकड़ ली। पास में डीजल रखा होने के कारण आग तेजी से फैल गई और देखते ही देखते पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया।
आग की चपेट में आने से 10 वर्षीय कृष्णा पुत्र कमलेश बुरी तरह झुलस गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कमलेश की पत्नी गौरी और बेटी काजल गंभीर रूप से झुलस गईं थी। ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास करते हुए पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। ग्रामीणों का आरोप था कि सूचना के बाद एंबुलेंस पहुंचने में देरी हुई। इस पर मिश्रिख कोतवाली प्रभारी प्रदीप सिंह पुलिस वाहन से दोनों घायलों को सीएचसी मिश्रिख लेकर पहुंचे। सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया। हालत नाजुक होने पर काजल को लखनऊ मेडिकल कॉलेज भेजा गया था, जहां करीब छह दिन तक उपचार के बाद शुक्रवार शाम उसकी भी मौत हो गई।
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सीतापुर में आग से झुलसी किशोरी की मौत:मेडिकल कॉलेज में 6 दिन इलाज के बाद तोड़ा दम, मां- भाई की पहले हुई थी मौत