अम्बेडकरनगर की 136 पंचायतों में 13.37 करोड़ की वित्तीय अनियमितता:प्रधान-सचिवों से वसूली शुरू, कई रिटायर और कुछ की मौत भी हो चुकी


अम्बेडकरनगर जिले की ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए जारी सरकारी धन के इस्तेमाल में वित्तीय अनियमितता सामने आई है। अलग-अलग वित्तीय वर्षों में हुए विकास कार्यों के ऑडिट में 136 ग्राम पंचायतों में कुल 13 करोड़ 37 लाख 53 हजार 854 रुपये की अनियमितता मिली है। इसमें कहीं बिना काम कराए पैसा निकालने तो कहीं आधा-अधूरा काम कराकर भुगतान में हेराफेरी की गई है। ऑडिट के दौरान दस्तावेज पेश न करने और कामों की मौके पर जांच में अनियमितता मिलने के बाद संबंधित ग्राम पंचायतों के तत्कालीन प्रधानों और सचिवों से पैसे की वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिलाधिकारी स्तर से आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) मंजूर होने के बाद पंचायती राज विभाग ने आरोपी सचिवों के वेतन से पैसे की कटौती का आदेश जारी किया है। वहीं, ग्राम प्रधानों और रिटायर हो चुके सचिवों से वसूली के लिए ऑनलाइन आरसी जारी करने की प्रक्रिया जारी है। तीन पंचायतों में ही 46.93 लाख रुपये की अनियमितता मिली है। अकबरपुर विकासखंड की सुबारपुर ग्राम पंचायत में वर्ष 2012-13 के ऑडिट में तीन मामलों में 18,81,760 रुपये की अनियमितता सामने आई। इसमें पूर्व प्रधान और तत्कालीन सचिव से 9,40,880-9,40,880 रुपये की वसूली की जाएगी। इसी तरह, अकबरपुर की नैली ग्राम पंचायत में वर्ष 2012-13 में 11,63,529 रुपये की अनियमितता मिली। इसमें पूर्व प्रधान और तत्कालीन सचिव से 5,81,764-5,81,764 रुपये की वसूली की जाएगी। रोशनगढ़ ग्राम पंचायत में वर्ष 2013-14 के दो मामलों में 16,48,294 रुपये की अनियमितता मिली। यहां भी पूर्व प्रधान और तत्कालीन सचिव से 8,24,147-8,24,147 रुपये की वसूली की जाएगी। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, ये अनियमितताएं वित्तीय वर्ष 2011-12 से 2018-19 के बीच हुए ऑडिट में सामने आई थीं। मामला पुराना होने और विभागीय कार्रवाई में देरी के कारण कई तत्कालीन सचिव रिटायर हो चुके हैं, जबकि कुछ ग्राम प्रधानों और सचिवों की मौत भी हो चुकी है। जिला पंचायत राज अधिकारी उपेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि आरोपित सचिवों और ग्राम प्रधानों से धनराशि की वसूली की कार्रवाई की जा रही है। सचिवों के वेतन से कटौती के आदेश जारी किए गए हैं, जबकि ग्राम प्रधानों और सेवानिवृत्त सचिवों से वसूली के लिए ऑनलाइन आरसी जारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिन आरोपितों की मृत्यु हो चुकी है, उनसे वसूली संभव नहीं होगी।

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