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कुछ दिन पहले ही भाजपा की महानगर इकाई की ओर से घोषित विशेष आमंत्रित सदस्यों की सूची में पूर्व राष्ट्रीय महासचिव डा. राधामोहन दास अग्रवाल का नाम न होने पर सवाल खड़े हुए थे। गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र से वह 4 बार विधायक रहे और वर्तमान में राज्यसभा सदस्य हैं। गुरुवार की देर रात जब उनके घर राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तर प्रदेश के प्रभारी विनोद तावड़े पहुंचे तो स्थानीय भाजपा नेताओं में हलचल मच गई। सभी इस मुलाकात के निहितार्थ ढूंढने में लगे हैं। डा. अग्रवाल के घर जाकर तावड़े ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि भाजपा की राष्ट्रीय राजनीति में डा. अग्रवाल का प्रभाव बरकरार है। उन्होंने अकेले में गोरखपुर व आसपास के जिलों के राजनीतिक हालातों पर चर्चा की। जिले की 8 विधानसभा क्षेत्रों के समीकरण को लेकर विस्तार से बात हुई। विनोद तावड़े गोरखपुर क्षेत्र में भाजपा की जमीनी स्थिति का आकलन करने पहुंचे हैं। शुक्रवार को सुबह से लेकर शाम तक अलग-अलग नेताओं के साथ बैठक करेंगे और उनका फीडबैक लेंगे। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रशासक के रूप में 25 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित सेवा संकल्प अभियान में शामिल होने के लिए डा. अग्रवाल भी दो दिवसीय दौरे पर गोरखपुर आए हैं। वह नंदानगर में लाभार्थी महिलाओं की ओर से आयोजित आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम में शामिल हुए और वहां दीया जलाया। फ्लाईओवर के लोकार्पण में न बुलाने से दुखी थे डा. आरएमडी डा. राधामोहन दास अग्रवाल उनके घर के पास बनकर तैयार सिक्सलेन फ्लाईओवर के लोकार्पण समारोह में निमंत्रित न करने से दुखी थे। उन्होंने फेसबुक पर अपना दुख भी साझा किया था। उनकी इस पोस्ट के बाद भी भाजपा संगठन से किसी नेता ने कोई सफाई नहीं दी थी। हाल ही में जब महानगर कार्यसमिति के लिए विशेष आमंत्रित सदस्यों की सूची जारी की गई और उसमें डा. अग्रवाल का नाम नहीं दिखा तो उनके समर्थकों में आक्रोश व्याप्त हो गया। हालांकि इस मामले में किसी ने कोई बयानबाजी नहीं की लेकिन कसक सबके मन में है। लगातार 20 साल विधायक रहे डा. राधामोहन दास अग्रवाल हिन्दू महासभा से पहली बार 2002 में विधायक बने थे। उस समय उन्होंने भाजपा के प्रत्याशी रहे कद्दावर नेता शिव प्रताप शुक्ला को हराया था। इस चुनाव में तत्कालीन सांसद एवं वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का समर्थन डा. अग्रवाल के साथ था। 2007,2012 व 2017 में लगातार वह भाजपा के टिकट पर शहर विधानसभा से विधायक चुने गए। 2022 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए उन्होंने अपनी सीट छोड़ दी थी। बाद में उन्हें राज्यसभा सदस्य बनाया गया। विभिन्न मुद्दों पर हुई बात दोनों नेताओं के बीच कई मुद्दों पर बात हुई। हालांकि यह कार्यक्रम पूरी तरह व्यक्तिगत था लेकिन इसमें राजनीतिक चर्चा भी हुई। प्रदेश के वर्तमान हालात,विपक्ष की रणनीति, भाजपा की तैयारी, गोरखपुर के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में वर्तमान हालात के बारे में तावड़े ने डा. अग्रवाल से जानकारी ली। विनोद तावड़े के साथ प्रदेश, क्षेत्रीय या महानगर टीम के किसी वरिष्दाठ पदाधिकारी का न पहुंचना भी चर्चा का विषय रहा।
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जिसे विशेष आमंत्रित सदस्य बनाना भूली महानगर भाजपा:उसके घर पहुंचे प्रदेश प्रभारी; 1 घंटे तक राजनीतिक हालातों पर बात की