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उन्नाव में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी ने बुधवार दोपहर को डीएम को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इसमें गोंडा, अयोध्या और बाराबंकी की घटनाओं समेत कई मुद्दों पर चार सूत्रीय मांगें रखी गईं। पार्टी ने संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई, पंचायत सहायकों की मांगों का समाधान, 68500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण से जुड़े मामले का निपटारा और धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों की कानून के हिसाब से समीक्षा की मांग की है। जिलाध्यक्ष यतीन्द्र चौधरी ने ज्ञापन में बताया कि गोंडा में विनोद साहनी और रमेश कोरी, साथ ही अयोध्या में राम लगन मौर्या की हत्या हुई थी। इन पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के काफिले को 13 सितंबर को बाराबंकी के रामनगर थाना क्षेत्र के बुढ़वल में रोका गया था। इस दौरान काफिले पर पथराव और हमला भी हुआ। पार्टी ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। ज्ञापन में घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को सुरक्षित रखने की मांग की गई है। इसके अलावा, मौके पर तैनात पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच करने को कहा गया। पार्टी ने चंद्रशेखर आजाद की सुरक्षा को लेकर तुरंत खतरे का आकलन (थ्रेट असेसमेंट) कराने और जरूरत के हिसाब से सुरक्षा बढ़ाने की भी मांग की है। दूसरी मांग में लखनऊ के ईको गार्डन में धरना दे रहे पंचायत सहायकों की समस्याओं को जल्द हल करने की बात कही गई है। उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला लेने की अपील भी की गई। तीसरी मांग 68500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण से जुड़े मामले को लेकर है। इसमें पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का पालन कराने और प्रभावित उम्मीदवारों को नियम के अनुसार न्याय दिलाने की मांग की गई है। चौथी मांग में सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद और मुरादाबाद की मुस्तफा मस्जिद समेत दूसरे इस्लामिक धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों की निष्पक्ष समीक्षा करने को कहा गया है। पार्टी ने जोर दिया कि किसी भी कार्रवाई में कानून और तय प्रक्रिया का पालन जरूर किया जाए।
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आजाद समाज पार्टी ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन:गोंडा, अयोध्या और बाराबंकी की घटनाओं समेत चार सूत्रीय मांगों को लेकर नारेबाजी की