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मऊ शहर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए नगर पालिका परिषद ने सेफ सिटी योजना पर काम शुरू कर दिया है। योजना के तहत करीब एक करोड़ रुपए की लागत से शहर में आधुनिक कैमरों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इन कैमरों से पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने में मदद मिलेगी। साथ ही यातायात और सफाई व्यवस्था की निगरानी भी की जा सकेगी। नगर पालिका ने कैमरों की स्थापना के लिए टेंडर समेत दूसरी तैयारियां शुरू कर दी हैं। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी डॉ. मणिभूषण तिवारी ने बुधवार दोपहर करीब 2 बजे बताया कि शहर में कैमरा नेटवर्क तैयार करने की योजना पर काम चल रहा है। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को उन स्थानों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां निगरानी की जरूरत सबसे ज्यादा है। मुख्य सड़क, प्रमुख चौराहे, सार्वजनिक स्थान और संवेदनशील जगहों को प्राथमिकता में रखा जा रहा है। NPR, PTZ और बुलेट कैमरों से होगी निगरानी योजना के तहत अलग-अलग जरूरत के हिसाब से कई तरह के आधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे। इनमें एनपीआर, पीटीजेड और बुलेट कैमरे शामिल हैं। इनसे शहर के प्रमुख हिस्सों में लगातार निगरानी रखी जा सकेगी। कैमरा नेटवर्क को पुलिस व्यवस्था से भी जोड़ा जाएगा, ताकि सुरक्षा से जुड़ी जानकारी का जरूरत के समय बेहतर इस्तेमाल हो सके। चौराहों पर ट्रैफिक की स्थिति भी दिखेगी नगर पालिका सड़क किनारे लगाए जाने वाले कैमरों को निगरानी व्यवस्था से जोड़ेगी। इससे मुख्य सड़कों और चौराहों पर वाहनों की आवाजाही और ट्रैफिक की स्थिति पर नजर रखी जा सकेगी। यातायात से जुड़ी समस्या सामने आने पर संबंधित स्तर पर कार्रवाई करने में भी मदद मिलेगी। कैमरों से सफाई व्यवस्था की भी होगी निगरानी सेफ सिटी योजना का इस्तेमाल सिर्फ सुरक्षा और ट्रैफिक तक सीमित नहीं रहेगा। कैमरों की मदद से शहर में सफाई व्यवस्था पर भी नजर रखी जाएगी। जिन स्थानों पर गंदगी या अव्यवस्था दिखाई देगी, वहां नगर पालिका की टीम को कार्रवाई के लिए जानकारी मिल सकेगी। नगर पालिका का कहना है कि योजना लागू होने के बाद सुरक्षा, यातायात और स्वच्छता की निगरानी पहले से ज्यादा प्रभावी तरीके से हो सकेगी।
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मऊ में एक करोड़ से बनेगा आधुनिक कैमरा नेटवर्क:सेफ सिटी योजना में सुरक्षा के साथ ट्रैफिक और सफाई पर भी रहेगी नजर