मुंबई3 मिनट पहले
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महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाले मेडिकल सामान की खरीद कीमत और उनकी अधिकतम खुदरा कीमत (MRP) के बीच बड़े अंतर को लेकर सवाल उठाए हैं। महाराष्ट्र में किए गए एक सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक, कुछ मेडिकल कंज्यूमेबल्स में यह अंतर 2,841% तक पाया गया।
मुंढे ने कहा कि इलाज के दौरान मरीज अक्सर यह पता नहीं कर पाता कि अस्पताल में इस्तेमाल किए जा रहे मेडिकल सामान की वास्तविक कीमत कितनी है और उस पर कितना मार्जिन जोड़ा गया है। उनके मुताबिक, यह केवल कीमत का मामला नहीं, बल्कि मरीजों के लिए जानकारी और पारदर्शिता का भी मुद्दा है।
मुंढे की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, एक निजी अस्पताल ने IV इन्फ्यूजन सेट यानी नस में दवा या फ्लूड चढ़ाने वाले सेट को 11.05 रुपए में खरीदा। इस उत्पाद की प्रिंटेड MRP 325 रुपए थी। यानी खरीद कीमत और MRP के बीच करीब 2,841% का अंतर था।
इसी तरह सिरिंज 6.75 रुपए में खरीदी गई, जबकि उसकी MRP 57.20 रुपए थी। कैथेटर 29.41 रुपए में खरीदा गया, जबकि उसकी MRP 310 रुपए थी। सर्वे में अस्पतालों में मरीजों के इलाज के दौरान इस्तेमाल होने वाले कई अन्य मेडिकल कंज्यूमेबल्स, जैसे नेबुलाइजर और ऑक्सीजन मास्क आदि की कीमतों की भी जांच की गई।
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