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गोरखपुर के नैयापार में स्कूल बस ने पांच साल के मासूम को कुचल दिया। हादसे में बच्चे की जान चली गई। अब उस ड्राइवर के पास ड्राइविंग लाइसेंस न होने की बात सामने आ रही है। जिससे स्कूल प्रबंधन और उनकी जिम्मेदारियों पर बड़ा सवाल खड़ा होता है। हालांकि घटना के बाद लगातार सभी पहलुओं पर जांच चल रही है। मामले में आरोपी शिक्षिका का शांति भंग चालान किया गया था। बाद में जमानत मिल गई। वहीं ड्राइवर अभी भी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है। सिर की हड्डियां चकनाचूर हुई
इस घटना में बच्चे के सिर पर बस का पहिया चढ़ गया था। और कुछ दूर तक घसीटते हुए ले गया। पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में सिर की हड्डियां चकनाचूर होने की बात सामने आई है। डॉक्टरों के मुताबिक, बस का पिछला पहिया मासूम के सिर के ऊपर से गुजरने की वजह से हड्डियों में गंभीर चोट आई और वे चकनाचूर हो गईं। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजन को सौंप दिया था और CO के मौजूदगी में दफनाया गया था। घर पहुंचते ही पिता दहाड़ें मारकर रोए
शविवार की सुबह स्कूल जाने समय यह हादसा हुआ था। मां सोनी के सामने ही बस ने हिमांशु को रौंद दिया था। इकलौते बेटे की मौत की खबर सुन कर मुंबई रहे हरिकेश के होश उड़ गए। रविवार की शाम तक वह घर पहुंचते ही दहाड़ें मारकर रोने लगे। बार- बार यही कह रहे थे कि बेटा कहा चले गए। पूरा गांव एक बार फिर जुट गया। पिता की चीख सुनकर सबकी आंखें नम हो गई। दादा- दादी दिल पर पत्थर रखकर बेटे का ढांढस बढ़ा रहे थे। बहन कह रही उस स्कूल में नहीं पढूंगी
इस दुखःद घटना के बाद गांव के लोग अपने बच्चे को स्कूल भेजने से डर रहे हैं। हिमांशु की चरेरी बहन भी पूरी तरह सहमी हुई है। अब उस स्कूल न पढ़ने की बात कह रही है। वहीं ड्राइविंग लाइसेंस न होने की बात सुनकर स्कूल प्रबंधन पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं। हादसे के बाद विधायक महेंद्रपाल सिंह, पूर्व मंत्री जितेंद्र कुमार जायसवाल उर्फ पप्पू भैया, कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश कुमार त्रिपाठी ब्लाक प्रमुख जनार्दन जायसवाल व अन्य पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने हिमांशु की मौत पर गहरा दुख जताते हुए परिजनों को ढांढस बंधाया और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
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ड्राइवर के पास नहीं था ड्राइविंग लाइसेंस:गोरखपुर में स्कूल बस से मासूम को रौंदा, मौत, फरार की तलाश जारी