![]()
एटा पुलिस ने चोरी, नकबजनी और एटीएम चोरी जैसी घटनाओं में शामिल रहे अपराधियों के खिलाफ आधी रात एक अभियान चलाया। ऑपरेशन ‘खटखट’ के तहत पुलिस की 54 टीमों ने एक साथ चिन्हित अपराधियों के घरों पर छापेमारी की। कुछ ही घंटों में 353 अपराधियों का सत्यापन किया गया। पुलिस ने साफ किया कि पुराने अपराधियों की गतिविधियों पर अब उसकी कड़ी नजर है। यह अभियान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन के निर्देश पर 12/13 सितंबर की रात चलाया गया। इसकी कमान अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पाण्डेय और अपर पुलिस अधीक्षक अपराध योगेंद्र सिंह ने संभाली। पुलिस की टीमों ने पिछले पांच सालों में चोरी, नकबजनी और एटीएम चोरी की घटनाओं में शामिल रहे अपराधियों के घरों पर अचानक दस्तक दी। पुलिस के पहुंचते ही अपराधियों और उनके परिवार में खलबली मच गई। शांति व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं सत्यापन के दौरान पुलिस को पता चला कि पहचाने गए 353 अपराधियों में से छह की मौत हो चुकी है। बाकी अपराधियों के बारे में पुलिस ने उनकी मौजूदा स्थिति और गतिविधियों की जानकारी इकट्ठा की। पुलिस अब इनके आपराधिक इतिहास के साथ-साथ संपत्तियों और अन्य गतिविधियों की भी जांच कर रही है। अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पाण्डेय ने बताया कि अपराधियों की जांच लगातार जारी रहेगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के हिसाब से गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट समेत दूसरे कानूनी एक्शन लिए जाएंगे। उन्होंने अपराधियों को साफ चेतावनी दी कि कानून और शांति व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने कहा, “अपराधी या तो अपराध छोड़ दें या जिला छोड़ दें, नहीं तो एटा पुलिस की कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।” एक साथ 54 टीमों की इस कार्रवाई और 353 अपराधियों के सत्यापन से जिले के पुराने अपराधियों में पुलिस का डर बढ़ गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि ऑपरेशन खटखट की दस्तक अभी रुकने वाली नहीं है। पुलिस द्वारा चलाए गए ऑपरेशन खटखट की जानकारी रविवार दोपहर 3:30 बजे दी गई।
Source link
पुलिस ने 353 अपराधियों के घर आधी रात दी दबिश:चोरी, नकबजनी और एटीएम चोरी में शामिल रहे अपराधियों पर 54 टीमों ने बोला धावा