नसबंदी के एक साल बाद महिला हुई गर्भवती:शाहजहांपुर में महिला बोली- सरकारी डॉक्टर ने प्राइवेट अस्पताल में लिया था 25 हजार; थाने में शिकायत


शाहजहांपुर में नसबंदी के ऑपरेशन के करीब एक साल बाद एक महिला के गर्भवती होने का मामला सामने आया है। सिधौली थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला ने शनिवार शाम पुवायां थाने पहुंचकर एक डॉक्टर के खिलाफ लिखित शिकायत दी। महिला का आरोप है कि तीसरे बच्चे के जन्म के बाद उसने खुटार रोड स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में नसबंदी का ऑपरेशन कराया था। इसके लिए उसने कुल 25 हजार रुपए जमा किए थे। महिला के मुताबिक ऑपरेशन करने वाला डॉक्टर सरकारी अस्पताल में तैनात है और वह प्राइवेट अस्पताल में आकर ऑपरेशन करता था। महिला ने बताया कि हाल ही में उसी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराया तो पता चला कि वह करीब तीन महीने की गर्भवती है। इसके बाद वह परेशान हो गई और डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर थाने पहुंची। हालांकि, पुवायां प्रभारी निरीक्षक आरके रावत ने शिकायत मिलने की जानकारी से इनकार किया है। तीसरे बच्चे के जन्म के बाद कराई थी नसबंदी महिला के मुताबिक पिछले साल 10 सितंबर को उसने प्राइवेट अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। डिलीवरी के लिए उसने अस्पताल में 22 हजार रुपए जमा किए थे। उस समय उसके तीन बच्चे हो चुके थे और वह आगे बच्चा नहीं चाहती थी। इसलिए उसने डॉक्टर से नसबंदी कराने की इच्छा जताई। महिला का आरोप है कि डॉक्टर ने उसे नसबंदी कराने की सलाह दी। इसके लिए उसने तीन हजार रुपए अलग से जमा किए। इसके बाद डॉक्टर ने उसका नसबंदी का ऑपरेशन कर दिया। महिला के अनुसार डॉक्टर ने उसे भरोसा दिलाया था कि ऑपरेशन के बाद वह दोबारा गर्भवती नहीं होगी। डॉक्टर ने प्राइवेट अस्पताल में किया ऑपरेशन महिला का कहना है कि डिलीवरी और नसबंदी दोनों के लिए उसने कुल 25 हजार रुपए दिए थे। उसका आरोप है कि नसबंदी करने वाला डॉक्टर सरकारी अस्पताल में तैनात था, लेकिन वह प्राइवेट अस्पताल में आकर ऑपरेशन करता था। महिला के मुताबिक ऑपरेशन के बाद उसे उम्मीद थी कि अब परिवार में कोई नया बच्चा नहीं होगा। इसी भरोसे के साथ वह सामान्य जीवन जी रही थी। करीब एक साल बाद जब उसे गर्भवती होने की जानकारी मिली तो उसके सामने आर्थिक और पारिवारिक चिंता खड़ी हो गई। अल्ट्रासाउंड में तीन महीने की प्रेग्नेंसी का पता चला महिला ने बताया कि उसने हाल ही में 10 सितंबर को उसी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराया था। रिपोर्ट आने के बाद उसे पता चला कि वह करीब तीन महीने की गर्भवती है। नसबंदी के बाद गर्भ ठहरने की जानकारी से वह परेशान हो गई। महिला ने खुद को आर्थिक रूप से कमजोर बताते हुए कहा कि इस स्थिति ने उसकी चिंता बढ़ा दी है। इसके बाद उसने शनिवार शाम पुवायां थाने पहुंचकर डॉक्टर के खिलाफ लिखित शिकायत दी और कार्रवाई की मांग की। प्रभारी निरीक्षक बोले- थाने में नहीं आई कोई शिकायत महिला के आरोपों के सामने आने के बाद पुलिस की ओर से अलग जानकारी सामने आई है। पुवायां प्रभारी निरीक्षक आरके रावत ने बताया कि उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं है। उन्होंने कहा कि थाने में भी इस संबंध में कोई शिकायत नहीं आई है। ऐसे में महिला की शिकायत और पुलिस के बयान में अंतर है। अब शिकायत की वास्तविक स्थिति, ऑपरेशन से जुड़े रिकॉर्ड और अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट की जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।

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