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बस्ती में विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट की अदालत के आदेश के बाद वाल्टरगंज पुलिस ने अपने ही महकमे के तत्कालीन सिपाही और एक ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज किया है। मामला 26 मई 2021 का है। गनेशपुर निवासी रीना देवी का आरोप है कि घर के सामने पीडब्ल्यूडी सड़क किनारे लगे दो हरे आम के पेड़ों को ठेकेदार दुर्गेश चौबे बिना वैध अनुमति कटवा रहा था। विरोध करने पर ठेकेदार ने जातिसूचक गालियां दीं। इसी दौरान सादे कपड़ों में मौजूद तत्कालीन गनेशपुर चौकी के सिपाही विनोद ने उनके पति राजेश कुमार सोनकर के साथ मारपीट की और उन्हें जबरन चौकी ले जाकर हिरासत में रखा। पति को चौकी में बंद कर पेड़ कटवाने का आरोप रीना देवी के मुताबिक, पेड़ काटने का विरोध करने पर सिपाही ने उनके पति का कॉलर पकड़कर उन्हें घसीटा और चौकी में बंद कर दिया। आरोप है कि पति को हिरासत में रखकर ठेकेदार ने पेड़ कटवाए और लकड़ी वहां से ले गया। बाद में विवाद बढ़ने पर सिपाही ने लकड़ियां ट्रैक्टर से खिंचवाकर चौकी में रखवा लीं। पीड़िता का आरोप है कि पति को फर्जी धाराओं में जेल भेजने की धमकी देकर बाद में छोड़ दिया गया। घटना के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल के अलावा पुलिस अधिकारियों और जिलाधिकारी को शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन आरोप है कि पुलिस स्तर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। पांच साल बाद कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा पुलिस से कार्रवाई नहीं होने पर रीना देवी ने विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट की अदालत में याचिका दाखिल की। कोर्ट के आदेश के बाद वाल्टरगंज पुलिस ने 10 सितंबर की शाम 5:04 बजे तत्कालीन सिपाही विनोद और ठेकेदार दुर्गेश चौबे के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। मामले में पुलिस अब कोर्ट के आदेश और पीड़िता की शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर जांच कर रही है।
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पेड़ काटने के विरोध पर दलित दंपत्ति से मारपीट:बस्ती में कोर्ट के आदेश पर सिपाही-ठेकेदार पर केस, 5 साल पुराना मामला