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भाद्रपद अमावस्या पर शुक्रवार को चित्रकूट में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही कामदगिरि पर्वत के परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिखाई दी। प्रशासन ने इस बार करीब 15 लाख श्रद्धालुओं के चित्रकूट पहुंचने का अनुमान लगाया है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधा से जुड़े इंतजामों को अलर्ट मोड पर रखा है। श्रद्धालुओं ने तड़के 3 बजे से ही भगवान कामतानाथ की परिक्रमा शुरू कर दी थी। सुबह 10 बजे तक करीब 8 लाख श्रद्धालु परिक्रमा पूरी कर चुके थे। इसके बाद भी कामदगिरि पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का सिलसिला लगातार जारी रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल ही पहुंचकर कामतानाथ की परिक्रमा कर रहे हैं। अमावस्या मेले में उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और पंजाब समेत कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंचे हैं। मेले के प्रमुख क्षेत्रों, परिक्रमा मार्ग, घाटों और पार्किंग स्थलों पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी बनी हुई है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 2 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों को मेला ड्यूटी में लगाया गया है। तड़के 3 बजे से शुरू हुई कामदगिरि की परिक्रमा भाद्रपद अमावस्या को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ देर रात से ही चित्रकूट पहुंचने लगी थी। तड़के 3 बजे से श्रद्धालुओं ने भगवान कामतानाथ की परिक्रमा शुरू कर दी। सुबह 10 बजे तक करीब 8 लाख लोग परिक्रमा पूरी कर चुके थे। इसके बाद भी श्रद्धालुओं के आने का क्रम जारी रहा। कई राज्यों से पैदल पहुंचे श्रद्धालु अमावस्या मेले में उत्तर प्रदेश के साथ मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और पंजाब समेत कई राज्यों से लोग पहुंचे हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल कामदगिरि पहुंचे और भगवान कामतानाथ की परिक्रमा की। आस्था के चलते दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। 2 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी संभाल रहे सुरक्षा श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए 2 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों को मेला ड्यूटी में लगाया गया है। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट और मध्य प्रदेश के सतना प्रशासन ने मिलकर श्रद्धालुओं की सुविधा के इंतजाम किए हैं। परिक्रमा मार्ग, घाटों, पार्किंग और प्रमुख मेला क्षेत्रों में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। डीएम-एसपी ने व्यवस्थाओं का लिया जायजा चित्रकूट के डीएम पुलकित गर्ग और एसपी अरुण कुमार सिंह ने मेला क्षेत्र में व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बढ़ती भीड़ को देखते हुए यातायात, सुरक्षा, पेयजल, स्वास्थ्य और अन्य सुविधाओं को लेकर प्रशासन को अलर्ट रखा गया है। कामतानाथ महाआरती के संत विपिन विराट महाराज ने बताया कि भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का सबसे ज्यादा समय चित्रकूट में बिताया था। इसी कारण देशभर के श्रद्धालुओं की चित्रकूट के प्रति गहरी आस्था है। अमावस्या पर लोग दूर-दूर से यहां पहुंचते हैं और पैदल कामतानाथ की परिक्रमा कर मनोकामना पूरी होने की कामना करते हैं। भीड़ बढ़ने से प्रशासन अलर्ट मोड पर मेले में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने यातायात, सुरक्षा, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं समेत सभी व्यवस्थाओं को अलर्ट मोड पर रखा है। देर तक श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहने की संभावना को देखते हुए प्रमुख स्थानों पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी लगातार बनी हुई है।
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चित्रकूट में भाद्रपद अमावस्या पर 8-लाख श्रद्धालुओं ने की परिक्रमा:सुबह 3 बजे से शुरू हुई कामदगिरि की परिक्रमा, 15 लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान