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रामपुर में सपा नेता आजम खां के खिलाफ डूंगरपुर प्रकरण से जुड़े मामलों में गुरुवार को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष की गवाही पहले ही पूरी हो चुकी है। अब बचाव पक्ष की ओर से गवाह पेश किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आजम खां के वकील नासिर सुल्तान की ओर से मसूद अली खां उर्फ गुल्लू की गवाही कराई जा रही है। गवाह की मुख्य परीक्षा पहले ही पूरी हो चुकी थी। गुरुवार को अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सीमा राणा ने गवाह से जिरह की, जो पूरी हो गई। अब मामले में अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी। 2016 में डूंगरपुर में बनाए गए थे आसरा आवास डूंगरपुर प्रकरण साल 2016 का है। उस समय प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी और आजम खां कैबिनेट मंत्री थे। पुलिस लाइन के पास डूंगरपुर में गरीबों के लिए आसरा आवास बनाए गए थे। आरोप है कि यहां पहले से कुछ लोगों के मकान बने हुए थे। इन्हें सरकारी जमीन पर बना बताकर गिरा दिया गया था।
2019 में दर्ज हुए थे 11 मुकदमे प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद साल 2019 में प्रभावित लोगों ने गंज कोतवाली में मुकदमे दर्ज कराए। कुल 11 लोगों ने अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए थे। आरोप लगाया गया था कि सपा सरकार के दौरान आजम खां के कहने पर पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं ने आसरा आवास बनाने के लिए उनके मकान जबरन खाली कराए। इसके बाद सामान लूटने और मकानों पर बुलडोजर चलवाकर उन्हें गिराने के आरोप भी लगाए गए। बाद में आजम खां को बनाया गया आरोपी शुरुआत में दर्ज मुकदमों में आजम खां का नाम नहीं था। बाद में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके बयानों के आधार पर पुलिस ने आजम खां को भी आरोपी बनाया। इन मामलों की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में चल रही है। 11 में से 6 मामलों में आ चुका फैसला डूंगरपुर से जुड़े 11 मामलों में से 6 में फैसला हो चुका है, जबकि 5 मामले अभी विचाराधीन हैं। इन पांचों मामलों की एक साथ सुनवाई की जा रही है। आजम खां के अलावा पूर्व सीओ आले हसन खां, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ओमेंद्र चौहान, पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां और ठेकेदार बरकत अली समेत अन्य लोग भी आरोपी हैं।
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डूंगरपुर मामले में आजम खां के गवाह से जिरह पूरी:अब 18 सितंबर को होगी अगली सुनवाई, पांच मामले अभी विचाराधीन