Sagar Banda Liquor Tragedy | Congress Allegations & Awareness Campaign

जितेंद्र तिवारी। सागर11 मिनट पहले

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सागर जिले के बंडा और शाहगढ़ विकासखंड के गांवों में जहरीली शराब पीने से 28 लोगों की मौत हो चुकी है। कई मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। हालांकि, प्रशासन ने अब तक 15 मौतों की पुष्टि की है।

अवैध शराब के नेटवर्क को ध्वस्त करने और दोषियों पर कार्रवाई के लिए प्रशासन ने तीन स्तर पर अभियान शुरू किया है। इसमें घर-घर सर्वे, चौपाल और कानूनी कार्रवाई शामिल है। वहीं, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार-प्रशासन पर मौतों का आंकड़ा छिपाने का आरोप लगाया है।

16 आरोपी गिरफ्तार, 17 को पकड़ने इनाम घोषित

पुलिस ने कुल 33 आरोपियों में से 16 को गिरफ्तार कर लिया है। इनसे पूछताछ में अवैध शराब तैयार करने, उसकी पैकिंग और ग्रामीण क्षेत्रों में सप्लाई नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

जांच में बरेठी शराब दुकान के लाइसेंसी ठेकेदार मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर निवासी बंडा की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, वह अंतरराज्यीय शराब तस्कर रवि लखेरा के संपर्क में था। लखेरा से शराब तैयार करने का तरीका और फार्मूला मिलने के बाद ही आरोपियों ने अवैध शराब बनाने का काम शुरू किया था।

मामले के एक अन्य आरोपी ततरवारा गांव के सरपंच चंद्रभान उर्फ चंदू पिता द्वारका सिंह राजपूत के खेत से पुलिस ने 164 क्वार्टर सागर गोल्ड प्लेन मदिरा, 27 लीटर अमानक शराब, निर्माण-पैकिंग में इस्तेमाल होने वाला सामान मिला है।

फरार मुख्य आरोपी मनीष लोधी और रवि लखेरा पर 20-20 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। बाकी 15 फरार आरोपियों पर 10-10 हजार रुपए का इनाम है।

आरोपी इस तरह बनाते थे अवैध शराब

पुलिस को जांच में पता चला कि चंद्रभान उर्फ चंदू, शिवांजय राजपूत का रिश्तेदार है। शिवांजय के जरिए उसका मनीष लोधी से संपर्क हुआ। इसके बाद मनीष और रवि लखेरा ने शराब तैयार करने के लिए प्रिंट, बारदाना, रैपर समेत अन्य सामान उपलब्ध कराया।

पुलिस के अनुसार, 2 सितंबर को चंदू के मक्का के खेत में करीब 50 पेटी नकली शराब ‘सागर गोल्ड’ के नाम से तैयार की गई। इसे शिवांजय राजपूत, मनीष लोधी और चंद्रभान राजपूत ने बामौरा, गूगरा, पाटन, छापरी सहित आसपास के गांवों में सेल्समेन के जरिए पहुंचाया।

पुलिस ने बंडा और विनायका थाने में दर्ज दो अलग-अलग मामलों में 252.12 लीटर से ज्यादा शराब जब्त की है। बंडा थाने वाले केस में 62.4 लीटर शराब पकड़ी गई है, जिसमें से जुझार सिंह लोधी से 43.2 लीटर शराब बरामद हुई। वहीं, विनायका थाना प्रकरण में 189.72 लीटर शराब जब्त की गई है, जिसमें चंदू राजपूत से 147.6 लीटर शराब बरामद की गई है।

आरोपियों पर पहले से कई केस दर्ज

पुलिस के अनुसार, पप्पू लोधी निवासी मेहरूनी, ललितपुर के खिलाफ थाना बहरोल में आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत केस दर्ज है। फिलहाल, वह जेल में है।

रवि लखेरा को अंतरराज्यीय शराब तस्कर बताया गया है। उसके खिलाफ 25 केस दर्ज हैं। 2025 में थाना बहेरिया, जिला सागर में भी उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत प्रकरण दर्ज हुआ था।

चंद्रभान उर्फ चंदू राजपूत निवासी ततरवारा के खिलाफ पांच मामले दर्ज हैं, जबकि मनीष लोधी के खिलाफ 11 केस हैं। इनमें छह मामले शराब तस्करी से जुड़े हैं।

विसरा की फॉरेंसिक जांच पर जताया संदेह

जिला कांग्रेस कमेटी सागर ग्रामीण के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मोहासा ने कहा कि सरकार अभी भी जहरीली शराब से हुई मौतों के वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक नहीं कर रही है। प्रशासन द्वारा बताए जा रहे आंकड़ों और जमीनी हकीकत में अंतर दिखाई दे रहा है।

पहले मृतकों के शव परिजन को सौंपने में देरी हुई, पोस्टमार्टम में देरी हुई और अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि मृतकों के विसरा की फॉरेंसिक जांच पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता से होगी या नहीं।

कांग्रेस की मांग है कि सभी मृतकों के विसरा की जांच भोपाल की स्वतंत्र फॉरेंसिक लैब से कराई जाए, ताकि जांच की निष्पक्षता पर किसी प्रकार का सवाल न उठे।

राहुल गांधी बोले- भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार एमपी में

राहुल गांधी ने सागर में जहरीली शराब से मौतों के बाद X पर लिखा- भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार वाले राज्य मध्यप्रदेश में शासन नाम की कोई चीज बची ही नहीं। दवा जहरीली। शराब जहरीली। पानी जहरीला। नए कानून बना दिए जाते हैं, लेकिन अगले हादसे तक उन्हें किसी तहखाने में डाल दिया जाता है।

उन्होंने लिखा- जहरीली शराब ने प्रदेश के सागर में अनेक लोगों की जान लेकर उन सभी घरों में मातम पहुंचा दिया है, लेकिन मध्यप्रदेश को पता है आगे क्या होगा। कुछ गिरफ्तारियां होंगी, कुछ अधिकारी सस्पेंड होंगे, जांच के आदेश होंगे, क्योंकि ये पहली बार नहीं है।

देखिए तीन तस्वीरें…

सागर अस्पताल में शराब पीकर बीमार लोगों का इलाज चल रहा है।

सागर अस्पताल में शराब पीकर बीमार लोगों का इलाज चल रहा है।

युवक को सहारा देकर अस्पताल में ले जाया गया।

युवक को सहारा देकर अस्पताल में ले जाया गया।

मौत पर विलाप करते हुए परिजन।

मौत पर विलाप करते हुए परिजन।

ऐसे चला पूरा घटनाक्रम…

5 सितंबर, शनिवार की शाम से अचानक बंडा सिविल अस्पताल में मरीजों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ। डॉक्टरों ने उनका इलाज किया, लेकिन मरीजों की स्थिति बिगड़ने लगी। शरीर में अकड़न, उल्टियां और शरीर नीला पड़ने जैसे लक्षण दिखाई दिए। कुछ मरीजों की आंखों की रोशनी भी कम हो रही थी।

संदेह होने पर वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई। मुख्यालय से कलेक्टर और एसपी स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ बंडा पहुंचे। मरीजों को जिला अस्पताल और बीएमसी रेफर करना शुरू किया गया। इसी बीच कुछ मरीजों ने दम तोड़ दिया। भर्ती मरीजों से तबीयत बिगड़ने का कारण पूछा गया तो लगभग सभी ने शराब पीना बताया।

रविवार सुबह तक 9 मरीजों ने दम तोड़ दिया। वहीं, शाम तक 15 से अधिक मौतें हो गईं। दूसरे दिन भी मौतों का सिलसिला नहीं रुका और सोमवार को यह आंकड़ा 22 के पार हो गया। मंगलवार से स्थिति में सुधार शुरू हुआ। हालांकि, मंगलवार को भी 2 मौतें हुईं।

पुलिस द्वारा सर्चिंग अभियान चलाकर आरोपियों के घरों पर पहुंची।

पुलिस द्वारा सर्चिंग अभियान चलाकर आरोपियों के घरों पर पहुंची।

शराब दुकानें सील, आरोपियों की धरपकड़ शुरू

शराब से मौतें होने का कारण सामने आते ही पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी। तत्काल सात लाइसेंसी शराब दुकानों को सील कर दिया गया। सैंपलिंग शुरू कराई गई।

वहीं, दूसरी ओर पुलिस की अलग-अलग टीमों ने गांवों में दबिश दी। अवैध रूप से शराब बेचने वाले आरोपियों की धरपकड़ शुरू की गई। उनके कब्जे से शराब जब्त की गई। इसके बाद पुलिस ने क्षेत्र में लगातार निगरानी बढ़ाई, ताकि कोई भी व्यक्ति अवैध शराब न बेच सके।

प्रशासन ने गांव-गांव में मुनादी कराकर लोगों से शराब नहीं पीने की अपील की। वहीं, शराब पीने वाले लोगों को अस्पताल में चेकअप कराने की सलाह दी गई। इसके बाद प्रशासन ने जल्द ही स्थिति पर नियंत्रण पा लिया।

शराब मामले में हुई मौतों को लेकर 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

शराब मामले में हुई मौतों को लेकर 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

मामले को लेकर डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल और कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी सागर पहुंचे थे।

मामले को लेकर डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल और कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी सागर पहुंचे थे।

संदिग्ध अवैध शराब मामले की मजिस्ट्रियल जांच शुरू

सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बंडा क्षेत्र में संदिग्ध अवैध शराब के सेवन से हुई घटना को गंभीरता से लेते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए हैं। घटना के संबंध में प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि मृतकों द्वारा शराब का सेवन किया गया था, जिसे अमानक/अवैध बताया गया है।

मजिस्ट्रियल जांच के लिए अनुविभागीय दंडाधिकारी, जैसीनगर को जांच अधिकारी बनाया गया है। जांच में घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसका वास्तविक कारण क्या था और इसके लिए कौन जिम्मेदार है, इसकी जानकारी जुटाई जाएगी।

साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि मृतकों की मृत्यु का वास्तविक कारण अमानक एवं अवैध शराब का सेवन था या नहीं तथा शराब का निर्माण, भंडारण और वितरण किस स्तर पर और किसके द्वारा किया गया।

जांच में संबंधित नियामकीय विभागों द्वारा अपने कर्तव्यों के निर्वहन में किसी प्रकार की लापरवाही बरती गई या नहीं, घटना के लिए मुख्य रूप से कौन-कौन से व्यक्ति जिम्मेदार हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए कौन से प्रशासनिक एवं कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं, इन बिंदुओं को भी शामिल किया गया है।

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