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बांदा में केन और यमुना नदियों का जलस्तर एक बार फिर बढ़ गया है। मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण गंगऊ बांध से करीब 2 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद केन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। नदियों में बढ़ते पानी को देखते हुए प्रशासन और पुलिस अलर्ट पर हैं। बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है। खतरे के निशान से 2.25 मीटर नीचे केन 4 सितंबर 2026 को दोपहर 2 बजे भूरागढ़ गेज पर केन नदी का जलस्तर 101.75 मीटर दर्ज किया गया। फिलहाल जलस्तर स्थिर है। केन नदी का चेतावनी स्तर 103 मीटर और खतरे का निशान 104 मीटर है। नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से 2.25 मीटर नीचे है। यमुना का जलस्तर भी बढ़ रहा वहीं, यमुना नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। चिल्लाघाट गेज पर शुक्रवार दोपहर 2 बजे यमुना का जलस्तर 92.67 मीटर दर्ज किया गया। यमुना का चेतावनी स्तर 99 मीटर और खतरे का निशान 100 मीटर है। फिलहाल यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है। बाढ़ चौकियां सक्रिय, निगरानी बढ़ाई नदियों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है और निगरानी बढ़ा दी है। बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने और नदी किनारे के इलाकों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षित स्थान पहले से चिह्नित प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में सुरक्षित स्थान पहले से ही चिह्नित कर लिए हैं। जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए भी तैयारी की गई है। केन घाट पर पुलिस कर रही निगरानी केन नदी घाट पर जेल चौकी की पुलिस लगातार निगरानी कर रही है। पुलिसकर्मी नदी के जलस्तर और आसपास के हालात पर नजर बनाए हुए हैं। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों से सतर्कता बरतने की अपील की गई है। पहले भी डूब चुका है तुरी नाला का रपटा केन और यमुना का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों, नदी किनारे बसे गांवों और संपर्क मार्गों पर खतरा बढ़ गया है। इससे पहले भी केन नदी का जलस्तर बढ़ने से पैलानी क्षेत्र में तुरी नाला का रपटा डूब गया था। इससे कई गांवों का संपर्क टूट गया था।
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गंगऊ बांध से पानी छोड़ा,बांदा में केन-यमुना का जलस्तर बढ़ा:एमपी में लगातार बारिश से बढ़ा; प्रशासन अलर्ट, निगरानी तेज