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गोरखपुर जिले में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर 137 जगहों पर झांकियां सजेंगी, जबकि एक जगह से शोभायात्रा निकाली जाएगी। अलग- अलग आयोजनों में जुटने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस- प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए विशेष योजना तैयार की है। इसके अंतर्गत प्रमुख मंदिरों और भीड़भाड़ वाले जगहों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। साथ ही महिलाओं की सुरक्षा के लिए सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मी निगरानी करेंगे। रात को शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। ताकि यातायात प्रभावित न हो। यातायात पुलिस को प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे
गोरखनाथ मंदिर, गोलघर जलकल भवन, गोपाल मंदिर, बेतियाहाता हनुमान मंदिर और पीएसी परिसर में जन्माष्टमी की रात बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। भीड़ को देखते हुए संबंधित थानेदारों और चौकी प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहने के निर्देश दिए गए हैं। महिलाओं की सुरक्षा के लिए सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। संवेदनशील क्षेत्रों में सीसी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाएगी। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक
भीड़ बढ़ने की स्थिति में यातायात को नियंत्रित करने के लिए संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग की जाएगी। जरूरत पड़ने पर वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से निकाला जाएगा। रात दो बजे तक शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। CCTV कैमरों से होगी निगरानी
यातायात पुलिसकर्मियों को हर प्रमुख चौराहे पर तैनात रहकर यातायात सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। जन्माष्टमी को लेकर थानों में भी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। संवेदनशील इलाकों में सीसी कैमरों से निगरानी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि जन्माष्टमी को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। भीड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है और यातायात व्यवस्था के लिए भी विशेष योजना बनाई गई है। सुरक्षा में लगे 12 सीओ सहित अन्य फोर्स
जन्माष्टमी पर सुरक्षा व्यवस्था में 12 सीओ, 62 निरीक्षक व थानेदार, 510 दारोगा, 2800 सिपाही, 1200 महिला सिपाही और एक कंपनी पीएसी की ड्यूटी लगी है। रात में खाली रहता है लॉकअप
परंपरा के अनुसार जन्माष्टमी की रात किसी थाने के लॉकअप में किसी कैदी को बंद नहीं किया जाता। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद मथुरा की जेल का दरवाजा अपने आप खुल गया था। इस परंपरा का पालन करते हुए हर साल जन्माष्टमी की रात सभी थानों के लाकअप को खोल दिया जाता है। भारी वाहनों का रहेगा डायवर्जन
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शहर में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए यातायात पुलिस ने भारी वाहनों के लिए डायवर्जन प्लान जारी किया है। चार सितंबर की शाम छह बजे से पांच सितंबर की सुबह दो बजे तक शहर के प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। वहीं प्रतिदिन रात 10 बजे खुलने वाली नो-इंट्री अब पांच सितंबर को सुबह दो बजे खुलेगी। एसपी यातायात अमित श्रीवास्तव ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को देखते हुए यह व्यवस्था लागू की गई है।
इन रास्तों से नहीं जा सकेंगे भारी वाहन तीन-चार पहिया वाहनों के लिए भी बदला रास्ता
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