भाजपा की क्षेत्रीय टीम घोषित करने में समय भले लगा हो लेकिन इसे पूरी तरह से सोच-समझकर तैयार किया गया है। इसमें सोशल इंजीनियरिंग की पूरा ध्यान रखा गया है। जो भाजपा के वोटर हैं, उन्हें साधे रहने के लिए उनके समाज के नेताओं को तरजीह दी गई है। ब्राह्मणों क
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इसके साथ ही क्षत्रिय, ओबीसी और एससी को भी जगह दी गई है। सूची में एक और खास बात नजर आ रही है। अनुभवी चेहरों के साथ युवाओं को भी भरपूर मौका दिया गया है। जेन जी आंदोलन के बाद भाजपा युवाओं से सीधे संवाद कर सकने वाले नेताओं को संगठन में आगे बढ़ा रही है।

क्षेत्रीय टीम में सामाजिक समीकरण का पूरा ध्यान रखा गया है।
सबसे ज्यादा ब्राह्मण चेहरों को मौका मिला
क्षेत्रीय टीम की सूची पर गौर करें तो क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, क्षेत्रीय महामंत्री, क्षेत्रीय मंत्री व कार्यसमिति सदस्यों को मिलाकर 39 नेताओं का नाम शामिल किया गया है। इसमें सर्वाधिक ब्राह्मण हैं। महत्वपूर्ण पदों से लेकर कार्यसमिति तक में ब्राह्मण चेहरे नजर आ रहे हैं। यदि 3 भूमिहार ब्राह्मणों को मिला लें तो यह संख्या 14 हो जाती है। इसके साथ ही 6 ठाकुर, 4 कायस्थ, 11 ओबीसी व 4 एससी नेताओं को जगह मिली है।
महिला नेतृत्व की बात करें तो यह संख्या काफी कम है। 33 प्रतिशत आरक्षण की वकालत करने वाली भाजपा ने केवल 2 को यानी 5 प्रतिशत पदों पर ही महिलाओं को तरजीह दी है।
ब्राह्मण नेताओं में सबसे प्रमुख दायित्व डा. बच्चा पांडेय नवीन को मिला है। बच्चा पांडेय लंबे समय तक सक्रिय पत्रकारिता से जुड़े रहे हैं। पत्रकारिता से अलग होने के बाद लगातार 9 साल से क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी का दायित्व निभा रहे थे।
इसके साथ ही 10 क्षेत्रीय उपाध्यक्षों में से दो चेहरे राधेश्याम पांडेय व राजेंद्र कुमार पांडेय ब्राह्मण हैं। इसके साथ ही रणजीत राय बड़े भूमिहार हैं। क्षेत्रीय मंत्री के रूप में बृजेश राम त्रिपाठी, सिद्धार्थ शंकर पांडेय, वैभव पांडेय को जगह दी गई है। 15 क्षेत्रीय कार्यसमिति में से 5 ब्राह्मण हैं।
निषाद मतदाताओं को साधने के लिए ओबीसी मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष रहे भास्कर निषाद को महामंत्री बनाया गया है। इसके साथ ही विभिन्न ओबीसी जातियों को भी भरपूर प्रतिनिधित्व मिला है। इनमें भी भाजपा के खांटी वोटर बनिया समाज से 6 नाम इस सूची में शामिल हैं।

क्ष्रेत्रीय टीम में ब्राह्मण, कायस्थ, ओबीसी, एससी, हर वर्ग को प्रतिनिधित्व दिया गया है।
कायस्थ समाज को भरपूर तवज्जो
कायस्थ समाज लगभग पूरी तरह से भाजपा का वोट बैंक माना जाता है। इस समाज की एक शिकायत भी रहती है कि उन्हें पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाता है। लेकिन क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय की इस सूची में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिला है। अध्यक्ष के बाद सबसे महत्वपूर्ण पद क्षेत्रीय महामंत्री का माना जाता है।
इस बार 4 क्षेत्रीय महामंत्री बनाए गए हैं, इनमें 2 कायस्थ ही हैं। डाॅ. सत्येंद्र सिन्हा एवं राहुल श्रीवास्तव को यह जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही ध्रुव कुमार श्रीवास्तव को क्षेत्रीय मंत्री बनाया गया है। अनिल कुमार श्रीवास्तव क्षेत्रीय कार्यसमिति सदस्य बनाए गए हैं।
युवा चेहरों को मौका
इस टीम में 60 साल के ऊपर के लोग भी शामिल हैं। इनके साथ युवा चेहरों को भी मौका दिया गया है। जेन जी आंदोलन के बाद भाजपा अपने हर कदम को जेनजी के लिहाज से उठा रही है। यही कारण है कि भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष रहे रणजीत राय बड़े को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है।
नेहा मणि आर्य युवाओं में प्रमुख चेहरा हैं। इसके साथ ही कन्हैया पासवान, सिद्धार्थ शंकर पांडेय जैसे कई युवा चेहरों को जगह दी गई है। टीम में गोरखपुर जिले को खास तवज्जो मिली है।
क्ष्रेत्रीय अध्यक्ष ने कहा- पार्टी और सशक्त बनेगी
क्षेत्रीय टीम की घोषणा करने के बाद क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की सहमति से गोरखपुर क्षेत्र की क्षेत्रीय टीम में कर्मठ एवं समर्पित कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है। पूरा विश्वास है कि सभी पदाधिकारी अपने अनुभव, परिश्रम एवं संगठन के प्रति समर्पण से पार्टी को और अधिक सशक्त बनाने तथा जनसेवा के संकल्प को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।