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गोरखपुर व बस्ती मंडल की 41 विधानसभा सीटों में से सपा ने कैंपियरगंज में प्रत्याशी को हरी झंडी दी है। लिखित में कुछ नहीं आया है लेकिन उनका दावा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें चुनाव लड़ने को कहा है। उनकी बातों की पुष्टि संगठन भी करता है। वर्तमान जिलाध्यक्ष हों या पूर्व जिलाध्यक्ष, सपा संगठन से जुड़े कई नेता उनकी विधानसभा में इंट्री के दौरान उनके साथ नजर आए। ऐसे में पहले से वहां तैयारी कर रहे स्थानीय नेता साधू यादव के खेमे में खलबली मच गई। साधू ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर समर्थकों से एक अपील की है। उन्होंने कहा कि सभी समर्थक सोशल मीडिया के माध्यम से राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मांग करें कि कैंपियरगंज से ‘साधू भईया’ ही चाहिए। वर्तमान हालात को देखते हुए यह तय हो गया है कि सपा को इस विधानसभा में पहले अपनों से ही लड़ना होगा। धीरे-धीरे लड़ाई सतह पर आ रही है। कैंपियरगंज में साधू यादव लंबे समय से सपा का चेहरा रहे हैं। उनकी पत्नी चिंता यादव 2005 में जिला पंचायत अध्यक्ष बनी थीं। हालांकि 2007 में बसपा की सरकार आने के बाद उन्हें काफी संघर्ष के बीच कार्यकाल पूरा करना पड़ा था। उसके बाद जब कैंपियरगंज विधानसभा का गठन हुआ तो सपा की ओर से पहली प्रत्याशी भी चिंता यादव ही बनीं। 2017 में भी पार्टी ने उनपर भरोसा जताया। सपा व कांग्रेस गठबंधन में वह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरी थीं लेकिन उन्हें दोनों बार हार का सामना करना पड़ा। 2022 में अखिलेश यादव ने बदलाव की सोची
लगातार दो बार जब साधू यादव का परिवार विधानसभा चुनाव में जीत नहीं दर्ज कर सका तो सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बदलाव की सोची। वह अभिनेत्री काजल निषाद को प्रत्याशी बनाकर लाए। उम्मीद थी कि निषाद प्रत्याशी होने से इस विधानसभा क्षेत्र के अच्छे-खासे निषाद मतदाताओं का वोट मिल जाएगा लेकिन काजल को भी बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा। अब एक बार फिर नए प्रत्याशी के नाम का दावा किया जा रहा है। साधू यादव क्षेत्र में बने रहे
2022 में जब साधू यादव को टिकट नहीं मिला तो भी वह परिवार के साथ बने रहे और काजल का साथ दिया। लेकिन इस बार समर्थक हर हाल में उनको प्रत्याशी के रूप में देखना चाहते हैं। समर्थकों का दावा है कि कैंपियरगंज से साधू यादव ही जीत सकते हैं। साधू लगातार क्षेत्र में बने हुए हैं। सोशल मीडिया पर दिखा टकराव, जमीन पर शांति
साधू यादव ने अपने फेसबुक वीडियो में अपने समर्थकों से कहा है कि पिछले 15 दिनों में 150 से अधिक फेक आइडी कैंपियरगंज विधानसभा क्षेत्र में बनी है। जिससे सपा के नेताओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही हैं। ये पोस्ट उन्हें भड़काने के लिए हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जवाब में कोई टिप्पणी न करने की अपील की है। जिस समय से उन्होंने फेक आइडी का जिक्र किया है, लगभग उसी समय से नवीन यादव के समर्थक उनके पक्ष में पोस्ट डाल रहे हैं। साधू यादव ने साफ कहा है कि उनके समर्थक जो चाहेंगे, वह होगा। यानी वह चुनाव लड़ने का संकेत दे रहे हैं। बार-बार वह राष्ट्रीय अध्यक्ष से बात करने के बाद फैसला लेने की बात कहते नजर आ रहे हैं लेकिन इन 15 दिनों में उनकी राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात नहीं हो पायी है। उनका फेसबुक पेज भी सादा-सादा नजर आ रहा है। वहां न प्रोफाइल से लेकर कवर इमेज तक सपा का न कोई वरिष्ठ नेता नजर आ रहा है और न ही सपा का झंडा। हालांकि उनके पोस्ट में सपा का झंडा नजर आ रहा है। नवीन यादव के इंट्री जुलूस से दूर रहे
साधू यादव और उनके समर्थक नवीन यादव के कैंपियरगंज में निकाले गए इंट्री जुलूस से दूर रहे। वह कहीं नजर नहीं आए। साधू और उनके समर्थक अब भी नवीन को प्रत्याशी मानने को तैयार नहीं हैं, उनका कहना है कि साधू यादव ही यहां से प्रत्याशी बनाए जाएंगे। किसी और यादव कैंडिडेट के आने से साधू को बड़ा झटका भी लगा है। किसी दूसरी जाति के नेता के आने पर वह और उनके समर्थक इतने असहज नजर नहीं आए थे। सपा प्रमुख के लिए इस क्षेत्र में सामंजस्य बैठाना आसान नहीं होगा।
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कैंपियरगंज में सपा को पहले अपनों से लड़ना होगा:नवीन यादव की इंट्री के बाद साधू यादव ने समर्थकों से अपील कर दी