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मेरठ में विमुक्त जाति दिवस के अवसर पर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रभारी मंत्री असीम अरुण की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में घुमंतू समाज के लोग शामिल हुए। समाज के प्रतिनिधियों ने अपने अतीत के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि उन्हें ‘चोर’ का दर्जा दे दिया गया था। चोरी या डकैती की घटनाओं में अक्सर घुमंतू समाज के युवाओं को पुलिस द्वारा उठा लिया जाता था। इतना ही नहीं, उनके परिवार के सदस्यों के माथे पर भी ‘यह चोर का बेटा है’ या ‘यह चोर की बहन है’ जैसे अपमानजनक शब्द लिख दिए जाते थे। प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्तमान सरकार में घुमंतू समाज का उत्थान हुआ है। अब उनके बच्चे बिना किसी डर के स्कूल-कॉलेज जा रहे हैं और उन्हें सरकारी नौकरियां भी मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में समाज की अनदेखी के कारण यह पिछड़ापन था, लेकिन भाजपा सरकार ने आयोग का गठन कर पिछड़े लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया है। कार्यक्रम में मेरठ के मेयर हरिकांत अहलूवालिया ने समाज के उत्थान के लिए वीर बिरसा मुंडा के नाम पर एक पार्क बनाने की घोषणा की। उन्होंने आश्वासन दिया कि पार्क में बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव नगर निगम की अगली बोर्ड बैठक में पारित किया जाएगा। जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी ने कहा कि भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार ने समाज के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। उन्होंने मेरठ में रहने वाले समाज के लोगों को अपना व्यक्तिगत नंबर देते हुए कहा कि किसी भी समस्या के लिए वे उनसे सीधे संपर्क कर सकते हैं। राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप ने भी कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने कहा कि विमुक्त जाति सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज के पिछड़े लोगों को मुख्यधारा से जोड़ना है, जिसके लिए प्रदेश और केंद्र सरकार लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने इसे आज के कार्यक्रम में देखने को मिला एक उदाहरण बताया।
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मेरठ में विमुक्त जाति दिवस पर सम्मेलन:प्रभारी मंत्री असीम अरुण बोले- समाज को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास