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लखनऊ में स्वाइन फ्लू की जांच रिपोर्ट में देरी से बलरामपुर अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी तीन दिन से आइसोलेशन में हैं। गुरुवार को इनके नमूने जांच के लिए KGMU माइक्रोबायोलॉजी विभाग भेजे गए थे। लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं आई है। बीते दिनों स्वाइन फ्लू संक्रमित महिला मरीज की इलाज के दौरान बलरामपुर अस्पताल में मौत हो गई थी। मौत के बाद इलाज करने वाले डॉक्टर-कर्मचारियों को मरीज के संक्रमित होने की जानकारी मिली थी। एहतियात के तौर पर डॉक्टर-कर्मियों को आइसोलेशन में रखा गया है। आनन-फानन अस्पताल प्रशासन ने इन डॉक्टर-कर्मचारियों के नमूने जांच के लिए केजीएमयू भेजा था। स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अलर्ट के बावजूद जांच में देरी से अस्पताल प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। अस्पताल से बीते गुरुवार को सात और रविवार को पांच नमूने KGMU भेजे गए हैं। फीवर क्लीनिक का हुआ आगाज स्वाइन फ्लू के मद्देनजर बलरामपुर अस्पताल में फीवर क्लीनिक शुरू हो गई है। सिविल अस्पताल में मरीजों को तीन कैटेगरी में बांटकर इलाज शुरू करने की रणनीति बनाई गई है। केवल गंभीर लक्षण वाले मरीजों के नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे है। नमूनों की जांच के लिए केजीएमयू या पीजीआई में भेजे जा रहे है। सिविल के निदेशक डॉ. जीपी गप्ता ने बताया कि अस्पताल में वैसे सभी जनरल जांच हो रहे है। स्वाइन फ्लू की आशंका में आने वालों को ए, बी एंड सी कैटेगरी में बांटा गया है। इसमें केवल कैटेगरी सी वाले मरीजों को भर्ती कर उनको टेमीफ्लू दवा देकर सैंपल आरटीपीसीआर जांच के लिए भेजा जाएगा। कैटेगरी बी वाले मरीजों में दवा से 24 घंटा में सुधार नहीं होता है तो आरटीपीसीआर के लिए सैंपल भेजा जाएगा। कैटेगरी ए वाले मरीजों को केवल लक्षणों के आधार पर ट्रीटमेंट दिया जायेगा। 2 मरीज बलरामपुर में भर्ती बलरामपुर अस्पताल के निदेशक डॉ.बीकेएस चौहान ने बताया कि स्वाइन फ्लू जांच के लिए व्यवस्था की गई है। इसके अलावा ओपीडी में अलग से फीवर क्लीनिक बनाई गई है। जहां मरीजों को लक्षणों के आधार पर इलाज किया जा रहा है। नमूने एकत्र करने के बाद KGMU भेजा जाएगा। दो-तीन दिन में जांच रिपोर्ट आने की उम्मीद है। छह बेड का वॉर्ड बनाया गया है। जिसमें दो मरीज भर्ती हैं। मरीजों की तबीयत में सुधार है।
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लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल से KGMU भेजे गए 12 सैंपल:स्वाइन फ्लू जांच में देरी, 12 डॉक्टर-कर्मियों की रिपोर्ट अटकी