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पीलीभीत में संरक्षित वन्यजीवों की तस्करी के आरोप में जेल जा चुके दो सफाई कर्मचारियों पर आखिरकार विभागीय कार्रवाई हुई है। जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) रोहित भारती ने दोनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। दरअसल, बरखेड़ा पुलिस ने कुछ समय पहले कछुआ तस्करी के एक गिरोह का खुलासा किया था। कार्रवाई के दौरान सुनगढ़ी क्षेत्र के मोहम्मद सलीम, मोहम्मद हनीफ और वीरेंद्र पुत्र रामऔतार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में संरक्षित प्रजाति के कछुए बरामद किए थे। मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। जेल जाने के बाद भी नहीं हुई थी तत्काल कार्रवाई बताया गया कि गिरफ्तार आरोपियों में दो सरकारी कर्मचारी सफाई कर्मचारी के पद पर तैनात थे। सरकारी सेवा नियमावली के अनुसार किसी कर्मचारी के 48 घंटे से अधिक समय तक पुलिस या न्यायिक हिरासत में रहने पर उसे निलंबित किए जाने का प्रावधान है। इसके बावजूद दोनों कर्मचारियों के जेल जाने के बाद तत्काल निलंबन की कार्रवाई नहीं हुई थी। इसको लेकर विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीपीआरओ रोहित भारती ने अब दोनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच के आदेश निलंबन के साथ ही दोनों कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में यह देखा जाएगा कि कर्मचारियों की भूमिका क्या थी और उनके खिलाफ दर्ज मामले की वास्तविक स्थिति क्या है। दोनों कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई के बाद विभाग में भी सतर्कता बढ़ गई है। अब विभागीय जांच की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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कछुआ तस्करी में जेल गए दो सफाई कर्मचारी निलंबित:पीलीभीत में पंचायती राज विभाग ने शुरू की विभागीय जांच