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गोरखपुर में ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर बुधवार की रात पूरा शहर इश्क-ए-रसूल की रौशनी में नहाया नजर आया। शाम ढलते ही हर तरफ से जुलूस-ए-मोहम्मदी निकलने लगे और “या नबी सलाम अलैक” की सदाओं से फिजा महक उठी। शहर के अलग-अलग इलाकों से निकले नूरानी ताजिए अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीतते नजर आए। कहीं रंग-बिरंगी एलईडी लाइटों से जगमगाते बुलंद ताजिए थे, तो कहीं फूलों, हरे झंडों और पारंपरिक सजावट से सजे ताजिए अपनी अलग पहचान बना रहे थे। हर ताजिए में अकीदत और मोहब्बत की झलक साफ दिखाई दे रही थी। जुलूसों में उमड़ा आशिकान-ए-रसूल का हुजूम ताजियों के साथ निकले जुलूसों में आशिकान-ए-रसूल की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दुरूद-ओ-सलाम और नातिया कलाम की गूंज के बीच “या रसूल अल्लाह” के नारे पूरे शहर में सुनाई देते रहे। बच्चे, नौजवान और बुजुर्ग सभी पूरे अदब और एहतराम के साथ जुलूस में शरीक हुए। जैसे-जैसे रात गहराती गई, ताजियों की चमक और जुलूसों की रौनक और भी बढ़ती चली गई। शहर की सड़कों और गलियों में ताजियों की लंबी कतारें और लोगों का सैलाब देखने को मिला। हर तरफ नूर, अकीदत और खुशी का माहौल बना रहा। अमन-ओ-मोहब्बत का पैगाम बना मिलाद इस मुबारक मौके पर ताजियों और जुलूसों के जरिए अमन, मोहब्बत और भाईचारे का पैगाम दिया गया। प्रशासन की निगरानी में पूरा आयोजन अमन-ओ-अमान के साथ संपन्न हुआ। गोरखपुर की यह शाम ताजियों की रौनक और इश्क-ए-रसूल की एक यादगार मिसाल बन गई।
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खूबसूरत ताजियों की रौनक से जगमगाया गोरखपुर:“या रसूल अल्लाह” की सदाओं के बीच निकले भव्य जुलूस