कानपुर कोतवाली में 5 वकीलों समेत 16 पर FIR:अधिवक्ता के बुजुर्ग माता-पिता को चेंबर में तीन 3 घंटे तक बनाया बंधक


कचहरी में रजिस्ट्री गेट के पास टाइपिंग का काम करा रहे अधिवक्ता ने साथी अधिवक्ताओं समेत 16 लोगों पर मारपीट, गाली-गलौज, बंधक बनाने और पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने उसके बुजुर्ग माता-पिता को भी चेंबर में बुलाकर करीब तीन घंटे तक बंधक बनाए रखा। पिता से पांच लाख रुपये देने की बात जबरन कबूल कराते हुए मोबाइल से वीडियो भी बनाया गया। पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर के जनशिकायत प्रकोष्ठ में शिकायत कर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। 19 अगस्त को गाली-गलौज कर रुपए देने का बनाया दबाव अधिवक्ता शशांक तिवारी के अनुसार 19 अगस्त को दोपहर वह रजिस्ट्री गेट के पास टाइपिंग का काम करवा रहे थे। तभी अधिवक्ता पंकज ठाकुर, रोहित सोनकर, आशीष पांडेय और अभिषेक शुक्ला उर्फ नवीन और अविनाश सिद्धार्थ समेत कई अन्य लोगों के साथ वहां पहुंचे। आरोप है कि सभी ने गाली-गलौज करते हुए रुपये देने का दबाव बनाया और टाइपिंग का काम न करने देने की धमकी दी। इसके बाद रोहित, पंकज और आशीष ने थप्पड़ और घूंसों से मारपीट की तथा उसके कागजात छीन लिए। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी उसे धक्का देते हुए अभिषेक शुक्ला के चैंबर में ले गए। वहां अजय प्रकाश अग्निहोत्री समेत अन्य अधिवक्ता भी पहुंच गए। रेप और एससी/एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी दी इसके बाद उसके माता-पिता को भी चेंबर में बुलाया गया और पांच लाख रुपये देने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि आशीष पांडेय ने उसके पिता से पांच लाख रुपये देने की बात जबरन कबूल कराते हुए मोबाइल से वीडियो बनवाया। शशांक के अनुसार करीब तीन घंटे बाद वह किसी तरह माता-पिता के साथ बाहर निकल सका। आरोप है कि बाहर निकलते समय आरोपियों ने शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी और रेप व एससी/एसटी एक्ट के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी। पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर के जनशिकायत प्रकोष्ठ में शिकायत कर परिवार की जान को खतरा बताते हुए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। कोतवाली प्रभारी अरुण द्विवेदी ने बताया कि रिपोर्ट दर्जकर कार्रवाई की गई है।

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