![]()
सीतापुर जेल में बंद 70 साल के बंदी की मंगलवार को मौत हो गई थी। देर रात पोस्टमार्टम के बाद भी वजह साफ नहीं हो सकी। डॉक्टरों ने मौत का कारण स्पष्ट न होने पर बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए लैब भेज दिया है। पोस्टमार्टम डॉक्टरों की निगरानी में वीडियोग्राफी के साथ कराया गया, लेकिन रिपोर्ट में भी मौत की स्पष्ट वजह सामने नहीं आई। अब बिसरा जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही बुजुर्ग बंदी की मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी। जानकारी के अनुसार, तंबौर थाना क्षेत्र के ड्योडीडीह निवासी निसार (70) हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा था। वह अवैध असलहा फैक्ट्री के मामले में जिला कारागार में बंद था। बीती 8 अगस्त को एसपी अंकुर अग्रवाल के नेतृत्व में पुलिस ने अवैध असलहा फैक्ट्री का खुलासा करते हुए निसार समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में अवैध असलहा और कारतूस बरामद करने का दावा किया था।
मामले में मुकदमा दर्ज करने के बाद निसार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था। वह तभी से जिला कारागार में निरुद्ध था। मंगलवार देर रात बैरक में अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। जेल प्रशासन को जानकारी मिलने पर उसे तत्काल जेल अस्पताल ले जाया गया। जांच में उसका ब्लड प्रेशर काफी कम पाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद निसार को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर परिजन भी अस्पताल पहुंच गए और परिवार में मातम पसर गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया लेकिन गुत्थी सुलझ नहीं पाई। हालांकि पोस्टमार्टम के बाद भी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। डॉक्टरों ने बिसरा सुरक्षित कर उसे परीक्षण के लिए लैब भेज दिया है। अब बिसरा जांच रिपोर्ट से ही मौत की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है। पुलिस भी रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
Source link
पोस्टमार्टम के बाद भी बंदी की मौत की गुत्थी उलझी:सीतापुर जेल में 24 घंटे पहले हुई थी बंदी की मौत, डॉक्टरों ने लैब भेजा बिसरा