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मुंबई3 मिनट पहले
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महाराष्ट्र सरकार ने आदिवासी विकास विभाग के हॉस्टल में दाखिले के लिए 30 साल की उम्र की सीमा खत्म कर दी है। यह फैसला पुणे के मांजरी में आदिवासी छात्रों के 13 दिन से चल रहे आंदोलन के बीच लिया गया। छात्र हॉस्टल की सुविधाओं, दाखिले के नियम और दूसरी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
आदिवासी विकास मंत्री अशोक उईके ने मंगलवार को बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मंजूरी के बाद 14 अगस्त 2026 को जारी सरकारी प्रस्ताव और उससे जुड़े नए नियम वापस ले लिए गए हैं। इसके साथ ही सरकारी आदिवासी हॉस्टल में दाखिले की 30 साल की अधिकतम उम्र सीमा भी खत्म हो गई है।
छात्रों की मांगों पर सरकार ने लिया फैसला
अशोक उईके ने अपने आवास पर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इसमें आदिवासी हॉस्टल में छात्रों को मिल रही सुविधाओं, दाखिले की प्रक्रिया और हॉस्टल के प्रबंधन की समीक्षा की गई। सरकार ने अधिकारियों को दाखिले, सुविधाओं, प्रशासन, निगरानी और निरीक्षण के लिए नए और बेहतर नियम तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
मंत्री ने कहा कि छात्रों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए और उन्हें पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिलना चाहिए। हॉस्टल में आने वाली दिक्कतों को दूर करने और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
13 दिन से चल रहा था आंदोलन
पुणे के मांजरी में आदिवासी छात्र 13 दिनों से आंदोलन कर रहे थे। उनकी कई मांगें थीं। इनमें हॉस्टल में बेहतर सुविधाएं, दाखिले से जुड़े नियमों में बदलाव और दूसरी समस्याओं का समाधान शामिल था। प्रदर्शन के दौरान एक छात्र की तबीयत बिगड़ने के बाद आंदोलन को लेकर तनाव भी बढ़ गया था।
सरकार के फैसले से छात्रों की एक बड़ी मांग पूरी हो गई है। हालांकि, छात्रों की बाकी मांगों को लेकर अभी भी विवाद बना हुआ है।
राहुल गांधी और मंत्री अशोक उईके के बीच भी बयानबाजी
मामले को लेकर अशोक उईके और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बीच भी बयानबाजी हुई। राहुल गांधी ने पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान एक आदिवासी छात्र की समस्याएं उठाई थीं। इसके बाद उईके ने राहुल गांधी पर जमीन पर स्थिति जाने बिना महाराष्ट्र सरकार पर सवाल उठाने का आरोप लगाया।
उईके ने राहुल गांधी के महाराष्ट्र दौरे को ‘पेड PR कार्यक्रम’ बताते हुए कहा कि उन्हें राज्य के आदिवासी छात्रों की पूरी जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने 30 साल की उम्र सीमा लागू करने के फैसले का भी बचाव किया था।
फिटनेस सर्टिफिकेट और प्रेग्नेंसी टेस्ट पर सफाई
मंत्री ने हॉस्टल से एक महीने की छुट्टी के बाद लौटने वाले छात्रों से फिटनेस सर्टिफिकेट मांगे जाने का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह छात्रों की सेहत को ध्यान में रखते हुए लिया गया फैसला था। साथ ही उन्होंने प्रेग्नेंसी टेस्ट कराए जाने के आरोपों को खारिज किया और कहा कि ऐसा कोई टेस्ट नहीं किया गया।
कांग्रेस ने कहा- बाकी मांगें भी मानें
महाराष्ट्र कांग्रेस ने उईके के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि मंत्री को छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय राहुल गांधी पर राजनीतिक हमला करने से बचना चाहिए। कांग्रेस ने दावा किया कि उसके नेताओं ने 17 अगस्त से प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात कर उनकी मांगें मंत्री के सामने रखी थीं।
कांग्रेस ने सरकार के 30 साल की उम्र सीमा हटाने के फैसले का स्वागत किया, लेकिन कहा कि छात्रों की बाकी मांगें भी पूरी की जानी चाहिए। पार्टी ने कहा कि आदिवासी छात्रों के मुद्दों पर सरकार को ठोस नीतिगत जवाब देना चाहिए।
