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उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की सम्मिलित अवर अधीनस्थ सेवा (स्नातक स्तरीय) मुख्य परीक्षा में प्रयागराज का एक युवक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से नकल करते पकड़ा गया। खास बात यह कि वह यह डिवाइस अंडरवियर में छिपाकर परीक्षा केंद्र के अंदर ले गया था। उसे एसटीएफ ने पकड़ा। 10 लाख रुपये में हुई थी डील पूछताछ में सामने आया है कि वह अल्लापुर का रहने वाला है। एक अहम राज जो उसने पूछताछ में उगला, वह यह है कि उसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइड उपलब्ध कराने वाला रमेश पटेल प्रयागराज का है। उसने 10 लाख रुपये में उसे परीक्षा पास कराने का वादा किया था। यह रकम उसने एडवांस में ले भी ली थी। गिरफ्तार परीक्षार्थी की पहचान बृजेश कुमार यादव पुत्र दान बहादुर यादव के रूप में हुई है। उसका मूल पता जौनपुर के सरायकेवट, खूझीडीह का है, जबकि वह वर्तमान में सर्वोदय नगर, अमिताभ बच्चन रोड, अल्लापुर, प्रयागराज में रह रहा था।
परीक्षा के लिए स्पेशल बनियान दी
एसटीएफ के मुताबिक, बृजेश 23 अगस्त को लखनऊ के महानगर स्थित दयानंद कन्या इंटर कॉलेज, सेक्टर-सी में परीक्षा देने पहुंचा था। उसे परीक्षा के दौरान ब्लूटूथ डिवाइस के जरिये बाहर से प्रश्नों के उत्तर हासिल करने थे।
इतना ही नहीं, पूछताछ में उसने बताया कि रमेश चंद्र पटेल ने उसे एक ऐसी बनियान भी दी थी, जिसमें ब्लूटूथ डिवाइस रखने के लिए अलग से जेब सिलवाई गई थी। मकसद था कि तलाशी या परीक्षा के दौरान डिवाइस के बारे में किसी को शक न हो। बोला था कि सभी प्रश्नों के उत्तर बताएगा
एसटीएफ की पूछताछ में बृजेश ने बताया कि नकल कराने के लिए उसने रमेश चंद्र पटेल को 10 लाख रुपये एडवांस दिए थे। रमेश ने परीक्षा में आने वाले प्रश्नों के उत्तर ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से बताने की बात कही थी।
बृजेश ने यह भी आरोप लगाया कि रमेश चंद्र पटेल पहले भी इसी तरह रुपये लेकर कई परीक्षाओं में नकल कराने का काम करता रहा है। अब एसटीएफ इस दावे की भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और क्या पहले की परीक्षाओं में भी इसी तरीके से नकल कराई गई।
मुखबिर की सूचना पर पहुंची एसटीएफ
परीक्षा को नकलविहीन कराने के लिए एसटीएफ की टीमें पहले से सक्रिय थीं। इसी दौरान सूचना मिली कि दयानंद कन्या इंटर कॉलेज में एक परीक्षार्थी ब्लूटूथ डिवाइस के जरिये नकल करने की तैयारी में आया है।
अपर पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में एसटीएफ मुख्यालय की टीम ने तत्काल कार्रवाई की। उपनिरीक्षक तेज बहादुर सिंह के नेतृत्व में मुुख्य आरक्षी कृष्ण कांत शुक्ल, सरताज और आलोक रंजन की टीम स्थानीय पुलिस को सूचना देकर परीक्षा केंद्र पहुंची। परीक्षा केंद्र व्यवस्थापक के सहयोग से मुखबिर की निशानदेही पर बृजेश को पकड़ लिया गया।
मोबाइल-ओएमआर शीट कब्जे में ली गईं
एसटीएफ ने बृजेश के पास से एक ब्लूटूथ डिवाइस और उसके सहवर्ती उपकरण, मोबाइल फोन, प्रवेश पत्र, आधार कार्ड, ओएमआर शीट और मूल प्रश्नपत्र बरामद किया है।
इससे साफ है कि जांच एजेंसियों ने सिर्फ डिवाइस ही नहीं पकड़ी, बल्कि परीक्षा से जुड़े अन्य दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी कब्जे में लिए हैं। अब इनकी जांच के आधार पर नकल नेटवर्क की अगली कड़ी तक पहुंचने की कोशिश होगी।
प्रयागराज कनेक्शन ने बढ़ाई जांच की अहमियत
इस मामले में सबसे अहम कड़ी रमेश चंद्र पटेल का प्रयागराज निवासी होना है। गिरफ्तार बृजेश भी वर्तमान में प्रयागराज के अल्लापुर में रह रहा है। ऐसे में लखनऊ में पकड़े गए परीक्षार्थी के पीछे प्रयागराज से संचालित किसी बड़े नकल नेटवर्क की भूमिका की आशंका से भी जांच को जोड़ा जा रहा है। गिरफ्तार बृजेश के खिलाफ लखनऊ के महानगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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अंडरवियर में डिवाइस छिपाकर परीक्षा देते पकड़ाया:प्रयागराज के युवक ने UPSSSC परीक्षा में की सेंधमारी, STF ने पकड़ा