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कासगंज में बुधवार को कासगंज के लहरा गंगा घाट पर एक अनोखी कांवड़ यात्रा देखने को मिली। आगरा के तकुआवाद गांव निवासी अशोक कुमार अपने 100 साल के बाबा बाबूलाल को कांवड़ में बैठाकर गंगाजल के साथ अपने गांव के लिए रवाना हुए। इस कांवड़ के एक पलड़े में गंगाजल से भरे तीन कलश रखे गए थे, जबकि दूसरे पलड़े में उनके बाबा बैठे थे। अशोक कुमार ने बताया कि उनके बाबा बाबूलाल की इच्छा कासगंज के लहरा गंगा घाट पर गंगा स्नान करने की थी। इसी इच्छा को पूरा करने के लिए अशोक अपने पिता शिव सिंह, दादी, परिवार के अन्य सदस्यों और दोस्तों के साथ बुधवार दोपहर करीब 12 बजे लहरा गंगा घाट पहुंचे। बाबा को गंगा स्नान कराने के बाद उन्हें कांवड़ में बैठाया गया और गंगाजल लेकर गांव की ओर यात्रा शुरू की गई। अशोक कुमार के अनुसार, लहरा गंगा घाट से उनके गांव तक की दूरी लगभग 180 किलोमीटर है। परिवार इस यात्रा को सोमवार तक पूरा करने का प्रयास करेगा। गांव से कुछ दूरी पर स्थित नगला ककराली के भोलेनाथ मंदिर में पहुंचकर कांवड़ का गंगाजल भगवान शिव को अर्पित किया जाएगा। इस अनोखी कांवड़ यात्रा में कुल 12 लोग शामिल हैं। कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें शहर से सकुशल निकालने के लिए नदरई गेट चौकी प्रभारी नरेश खोखर भी उनके साथ करीब एक किलोमीटर तक पैदल चले। उन्होंने कांवड़ को नदरई गेट से सुरक्षित पार कराया। 100 वर्षीय बाबा को कांवड़ में लेकर जा रहे नाती की यह यात्रा लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
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100 साल के बाबा को कांवड़ में लेकर निकला नाती:गंगाजल के साथ 180 किमी की यात्रा, सोमवार को चढ़ाएंगे जल