Prayagraj flood crisis students leaving hostels due to waterlogging photo video updates

”मेरे हॉस्टल में पानी भर गया है। तख्त डूब गए हैं। हॉस्टल से ही 35-40 छात्र पलायन कर घर चले गए हैं। चारों तरफ गंदगी फैली है। जार्जटाउन जैसे पॉश इलाके का ये हाल है।बाकी जगहों के छात्र भी शहर छोड़कर घर जा रहे हैं। खाने-पीने की परेशानी होने लगी है, इसी

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ये बातें प्रयागराज में बारिश के बीच जलभराव से परेशान प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र पवनेश सिंह ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहीं। खाने-पीने और पढ़ाई में दिक्कत होने लगी तो पवनेश ने बारिश रुकने और घुटनों तक भरे पानी के कम होने का भी इंतजार नहीं किया। सिर पर ट्रॉली बैग, हाथ में बैग और झोला लिए पवनेश कमर तक पानी में चलकर हॉस्टल छोड़ गए।

कुछ ऐसा ही दर्द छात्र हेमंत यादव ने बयां किया। उन्होंने कहा- इतना पानी भर गया है कि पूरा रास्ता ही ब्लॉक हो गया है। गंदे सीवर के पानी की वजह से टाइफाइड, मलेरिया कुछ भी हो सकता है।

शुरुआती बारिश में हॉस्टल-लॉज में पानी भर गया है। ऐसे में हम लोग हॉस्टल छोड़ रहे हैं। अभी बाढ़ के हालात होंगे तो हजारों छात्रों को पलायन करना पड़ेगा। प्रयागराज में जलभराव के बाद करीब दो हजार छात्र पलायन कर गए हैं। इनमें ज्यादातर छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। हालातों पर पढ़िए ग्राउंड रिपोर्ट…

2 तस्वीरें देखिए-

छात्रों ने बताया कि तख्त-बिस्तर डूब गए हैं। खाने-पीने की जगह तक पानी पहुंच गया है। इसलिए अब घर जा रहे हैं।

छात्रों ने बताया कि तख्त-बिस्तर डूब गए हैं। खाने-पीने की जगह तक पानी पहुंच गया है। इसलिए अब घर जा रहे हैं।

नालियों का गंदा पानी लोगों के घरों में भरा है, ऐसे में बदबू भी आ रही। लोगों ने कहा- बीमारियों का डर सताने लगा है।

नालियों का गंदा पानी लोगों के घरों में भरा है, ऐसे में बदबू भी आ रही। लोगों ने कहा- बीमारियों का डर सताने लगा है।

चाय तक के लिए तरस गए, तब कमरा छोड़ना पड़ा

शहर से बुधवार को करीब 2000 प्रतियोगी छात्र पलायन कर गए। कोई अपने गांव, शहर को लौट गया तो कोई दूसरे छात्रों के कमरों में शिफ्ट हो गया। कुछ रिश्तेदारों के घर गए। ये वो छात्र हैं, जो हॉस्टल, लॉज, किराए के मकानों में नीचे के हिस्सों के कमरों में रहते हैं।

एक तो कमरों में पानी भरा, दूसरे गेट से लेकर सड़क तक घुटनों तक जलभराव हो गया है। ऐसे में कमरों में खाना बनाना मुश्किल है, सड़क पर जाना मुश्किल है, चाय तक को तरसने की नौबत हो गई तो उन्हें कमरा ही छोड़ना पड़ा।

छात्रों ने ये हालात दिखाते हुए बताया कि हमारी किताबें, गैस चूल्हा, राशन खराब हो गए।

छात्रों ने ये हालात दिखाते हुए बताया कि हमारी किताबें, गैस चूल्हा, राशन खराब हो गए।

किताबें, बैग, तख्त-बिस्तर डूबे, बाइक-स्कूटी भी खराब

हॉस्टल, लॉज, कमरों में रहने वाले छात्र छोटी गृहस्थी ही बनाए होते हैं। बारिश का पानी भरने से उनका गैस चूल्हा, पेट्रोमैक्स, हीटर, जमीन में बिछे गद्दे, फोल्डिंग, राशन, कुर्सी, मेज, किताबें सब पानी से बर्बाद हो गए।

कपड़ों से भरे अटैची, बैग पानी में डूबे और मुश्किल खड़ी हो गई। यहां तक कि तख्त भी डूब गए हैं। ज्यादातर छात्रों की यही गृहस्थी बर्बाद हुई है। बाइक और स्कूटी में पानी भर गया है, उसे बनवाने की मशक्कत अलग से हो रही है।

11 इलाकों के छात्रों ने ठिकाना बदलना शुरू किया

यहां प्रतियोगी छात्रों की संख्या बहुत है। यहां के कई इलाके तो प्रतियोगी छात्रों का गढ़ कहलाते हैं। अब जब जार्जटाउन जैसे पॉश इलाके के हॉस्टल, लॉज में पानी भर गया है तो बाकी इलाकों के हालात और बदतर होने लगे हैं।

अल्लापुर, सलोरी, छोटा बघाड़ा, बड़ा बघाड़ा, कर्नलगंज, शिवकुटी, शुक्ला मार्केट का इलाका, दारागंज, बक्शी बांध, राजापुर आदि इलाकों में रहने वाले छात्रों ने अपने लिए सुरक्षित ठिकाना तलाशना शुरू कर दिया है। छात्र धीरे-धीरे कमरा छोड़ने लगे हैं।

छात्र अपना सामान समेटकर कमरा छोड़ रहे हैं। घर या रिश्तेदार-दोस्त के यहां जा रहे हैं।

छात्र अपना सामान समेटकर कमरा छोड़ रहे हैं। घर या रिश्तेदार-दोस्त के यहां जा रहे हैं।

7 हजार परिवार बारिश होने पर छत से नीचे भागते हैं

  • प्रयागराज में गंगा-यमुना में उफान आता है तो बाढ़ का कहर टूटता है। अबकी बार तो 3 दिन की बारिश ही आफत बन गई है। प्रयागराज के करीब सात हजार परिवार बारिश के जलभराव में परेशान हैं। छतों पर रहने को मजबूर हैं।
  • 7 हजार परिवारों की आज गुरुवार को चौथे दिन जिंदगी ऐसी गुजर रही कि सुबह उठकर नीचे के हिस्से का पानी निकालते हैं। रात में छतों पर सोते हैं। बारिश शुरू होते ही नीचे भागते हैं। फिर पानी निकालते हैं।
  • लगातार बारिश होने से नीचे के कमरों, किचन आदि में पानी भर जाता है। करेली के जेके नगर, गड्‌ढा कॉलोनी, शम्स नगर, गौस नगर, बी ब्लॉक, जेके आशियाना, जाफरी कॉलोनी, इस्लाम नगर आदि का ऐसा ही हाल है।
  • राजापुर, अल्लापुर, सदर बाजार, जार्जटाउन, टैगोर टाउन, मुंडेरा, जयंतीपुर, नैनी, झूंसी आदि के कई हजार घरों में भी पानी भरा हुआ है। कुछ परिवार रिश्तेदारों के यहां शिफ्ट हो गए हैं।
गलियां तालाब बन गई हैं। लोगों को पैदल निकलने में परेशानी हो रही है। लोग छतों पर अपने सामान शिफ्ट कर लिए हैं।

गलियां तालाब बन गई हैं। लोगों को पैदल निकलने में परेशानी हो रही है। लोग छतों पर अपने सामान शिफ्ट कर लिए हैं।

सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए मेयर तो बाहर निकले

पूरे शहर में जलभराव, यहां तक की नगर निगम परिसर में घुटनों तक पानी भरने पर मेयर गणेश केसरवानी सोशल मीडिया पर खूब ट्रोल हुए। बुधवार को जलभराव कुछ कम हुआ तो मेयर कई इलाकों का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने अपने दौरे को फेसबुक पर लाइव किया, ताकि कुछ किरकिरी से बचा जा सके। हालांकि, उनके लाइव लिंक पर भी कई लोगों ने तंज कसा।

सोहबतियाबाग में जलभराव क्षेत्र का अधिकारियों के साथ मेयर गणेश केशरवानी ने बुधवार को निरीक्षण किया।

सोहबतियाबाग में जलभराव क्षेत्र का अधिकारियों के साथ मेयर गणेश केशरवानी ने बुधवार को निरीक्षण किया।

डीएम और नगर आयुक्त हाईकोर्ट में तलब हुए तो पैदल घूमे

इलाहाबाद हाईकोर्ट में तलब होने पर डीएम मनीष कुमार वर्मा और नगर आयुक्त सीलम साईं तेजा ने जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ मिलकर हालातों का जायजा लिया।

डीएम ने निरीक्षण के बाद बताया कि नगर निगम द्वारा पंपिंग सेट लगाकर पानी को खाली कराया जा रहा है। बारिश के चलते जॉर्ज टाउन, टैगोर टाउन, अल्लापुर और करेली जैसे निचले स्तर पर बसे मोहल्लों में जलभराव हो गया है।

डीएम के मुताबिक, नगर निगम के साथ-साथ जल निगम और गंगा प्रदूषण की टीमें भी पानी निकासी के काम में लगी हैं। उन्होंने दावा किया कि कई मोहल्लों से पानी निकाला जा चुका है। जल्द ही सभी मोहल्लों से पानी निकाल लिया जाएगा। डीएम ने इस जलभराव का कारण भारी बारिश और इन मोहल्लों की चोक ड्रेन को बताया।

डीएम मनीष कुमार वर्मा और नगर आयुक्त सीलम साईं तेजा ने बुधवार को जलभराव वाले इलाकों का निरीक्षण किया।

डीएम मनीष कुमार वर्मा और नगर आयुक्त सीलम साईं तेजा ने बुधवार को जलभराव वाले इलाकों का निरीक्षण किया।

हाईकोर्ट में डीएम और नगर आयुक्त पेश हुए, आज भी सुनवाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज में जलभराव की समस्या पर स्वतः संज्ञान लेते हुए बुधवार को सुनवाई की। न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ के समक्ष नगर आयुक्त शीलम साई तेजा और डीएम मनीष कुमार वर्मा पेश हुए। नगर आयुक्त ने बताया कि जलभराव के स्थायी समाधान के लिए कार्ययोजना तैयार है और इसका हलफनामा 20 अगस्त को दाखिल किया जाएगा।

अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने बताया कि शहरी विकास विभाग के सचिव का हलफनामा भी पेश होगा। कोर्ट ने दारागंज के मोरी गेट से पानी निकालने और प्रभावित इलाकों को 24 से 48 घंटे में जलभराव खाली करने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त को 20 अगस्त को फिर कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया गया है, जबकि डीएम को फिलहाल व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दी गई है।

पानी में डूबकर गाड़ियां खराब हो गई हैं। लोग धक्के मारकर अब इन्हें बनवाने ले जा रहे हैं।

पानी में डूबकर गाड़ियां खराब हो गई हैं। लोग धक्के मारकर अब इन्हें बनवाने ले जा रहे हैं।

शहर में जलभराव के ये जिम्मेदार

बारिश के दौरान जलभराव के लिए नगर आयुक्त सीलम साईं तेजा, महापौर गणेश केशरवानी और नगर निगम के चीफ इंजीनियर डीके सचान को जिम्मेदार बताया गया है।

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प्रयागराज में रविवार रात 1 बजे से शुरू हुई बारिश तीसरे दिन भी जारी रही। तीन दिनों में कुल 209 मिमी बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश से हजारों घरों में पानी भर गया है। मुंडेरा की मीना जायसवाल ने बताया कि घर में खाना बनाने की जगह नहीं बची है। लाई-चना मंगाकर खाना पड़ रहा है। पढ़ें पूरी खबर…

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